छत्तीसगढ़:– एक ऐसा राज्य है, जो अपने आप में काफी अजूबा माना जाता है. यहां घूमने-फिरने से लेकर खाने पीने तक के लिए देश-विदेश से आते रहते हैं. इसके अलावा, इस राज्य की एक और ऐसी खासियत है, जिसे जान हर कोई हैरान हो जाता है. दरअसल, यहां पर जड़ी-बूटियों का खजाना छिपा हुआ है, जिसे बेचकर लोग अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं. इनमें से एक ऐसी जगह है, जहां पर अकूट खजाना छिपा हुआ है, जो कि सेहत-दिमाग दोनों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. आइए जानते हैं, इस जगह के बारे में…
दरअसल, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित एक ऐसी पहाड़ी है, जिसका नाम महादेव पहाड़ी है. यह डोंगरगांव ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 12 किमी दूर स्थित है. जहां पर सैंकड़ों वर्ष पुरानी महादेव की प्राचीन मूर्तियां मौजूद हैं.
कहा जाता है कि यहां पर वैद्य समुदाय के लोग भगवान शंकर का आशीर्वाद लेकर लोगों के इलाज के लिए यहां से जड़ी बूटियां इकट्ठा करते हैं. क्योंकि इस पहाड़ी पर काफी बड़ी मात्रा में दुर्लभ पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं.
स्थानीय लोग बताते हैं, कि अभी भी नाग पंचमी और ऋषि पंचमी के मौके पर वैद्य समुदाय के लोग पहुंचते हैं. जहां पर जड़ी-बूटियों को इलाज के लिए इकट्ठा करते हैं. उनका कहना है कि हम लोग भी इन जड़ी-बूटियों को बेच कर रोजी-रोटी कमाते हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक, इस पहाड़ी में मंदिर के पास में बहुत ही दुर्लभ शंखपुष्पी का पौधा पाया जाता है. बताया जाता है कि नीला और सफेद शंखपुष्पी का उपयोग दिमाग को तेज करने के लिए दवा बनाने में किया जाता है.
कहा जाता है कि इस महादेव पहाड़ी पर बहुत से रहस्य छुपे हुए हैं. यहां पर अगर शोध किया जाए तो नई-नई जानकारियां सामने आंगी. इस पहाड़ी से दिखने वाला दृश्य बहुत ही मनोरम है.
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर एक शिला भी मौजूद है, जिस पर गर्मी में बैठने से ठंडक का एहसास होता है. यहां पर पुराने-जमाने में महादेव की पूजा-अर्चना की जाती थी. जिसका प्रमाण आज भी मौजूद है. कुछ लोगों का मानना है कि गुफा का द्वार अब संकरा हो चुका है, जिसके चलते अंदर जा पाना बहुत मुश्किल होता है.
