Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » आप कानून के विशेषज्ञ हैं, किसी धर्म के नहीं, CJI की पीठ से केंद्र सरकार के वकील की तीखी भिड़ंत बहस इन्होंने क्या दलील दी…
    समाचार

    आप कानून के विशेषज्ञ हैं, किसी धर्म के नहीं, CJI की पीठ से केंद्र सरकार के वकील की तीखी भिड़ंत बहस इन्होंने क्या दलील दी…

    By Tv36 HindustanApril 9, 2026No Comments4 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली:– सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एक धर्मनिरपेक्ष अदालत किसी धार्मिक प्रथा को अंधविश्वास नहीं कह सकती, क्योंकि उसके पास धार्मिक मामलों में विशेषज्ञता नहीं होती। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायाधीश कानून के विशेषज्ञ हैं, धर्म के नहीं।

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि उसके पास यह तय करने का अधिकार है कि किसी धर्म में कौन-सी प्रथा अंधविश्वास है और उस पर आधारित है। अदालत ने यह टिप्पणी केंद्र सरकार की इस दलील के जवाब में की कि धर्म से जुड़े मामलों पर फैसला करना अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, क्योंकि न्यायाधीश कानून के विशेषज्ञ होते हैं, धर्म के नहीं। मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ-जजों की संविधान पीठ केरल के शबरीमला मंदिर समेत धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश से जुड़े कथित भेदभाव और विभिन्न धर्मों में धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही

    सुनवाई की शुरुआत में केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सवाल किया कि अदालत यह कैसे तय करेगी कि कोई प्रथा अंधविश्वास पर आधारित है। उन्होंने कहा, “मान लें कि कोई प्रथा अंधविश्वास पर आधारित है, तब भी यह तय करना अदालत का काम नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 25(2)(बी) के तहत यह काम विधायिका का है कि वह सुधार के लिए कानून बनाए।” मेहता ने आगे कहा कि संसद या राज्य विधानसभाएं किसी प्रथा को अंधविश्वास मानकर उसके खिलाफ कानून बना सकती हैं, जैसे काला जादू रोकने से जुड़े कानून।

    यह दलील बहुत सरल है
    इस पर जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला ने कहा कि यह दलील बहुत सरल है, क्योंकि अदालत के पास यह तय करने का अधिकार है कि कोई प्रथा अंधविश्वास पर आधारित है या नहीं। उन्होंने कहा, “इसके बाद क्या कदम उठाना है, यह विधायिका देख सकती है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि जो विधायिका तय करे वही अंतिम होगा।” इसके बाद सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि एक धर्मनिरपेक्ष अदालत किसी धार्मिक प्रथा को अंधविश्वास नहीं कह सकती, क्योंकि उसके पास धार्मिक मामलों में विशेषज्ञता नहीं होती। उन्होंने कहा, “माननीय न्यायाधीश कानून के विशेषज्ञ हैं, धर्म के नहीं।”

    जादू-टोना अंधविश्वास माना जाएगा या नहीं?
    मेहता ने कहा कि भारत जैसे विविध समाज में, एक प्रथा जो चीज धार्मिक है, वह दूसरी जगह अंधविश्वास मानी जा सकती है। इस दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सवाल उठाया कि अगर जादू-टोना किसी धर्म का हिस्सा बताया जाए, तो क्या उसे अंधविश्वास नहीं माना जाएगा? उन्होंने सवाल किया कि अगर इस मामले पर विधायिका चुप है, तो क्या अदालत सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के आधार पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती? इस पर मेहता ने जवाब दिया कि अदालत समीक्षा कर सकती है, लेकिन यह ‘अंधविश्वास’ के आधार पर नहीं, बल्कि ‘स्वास्थ्य, नैतिकता और सार्वजनिक व्यवस्था’ के आधार पर।

    धर्म के दर्शन के नजरिए से देखना चाहिए
    गरमागरम बहस के बीच जस्टिस बी. वी. नागरत्ना ने कहा कि किसी धार्मिक प्रथा को समझने के लिए उसी धर्म के दर्शन के नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी दूसरे धर्म के नजरिए से यह नहीं कहा जा सकता कि यह जरूरी धार्मिक प्रथा नहीं है। अदालत को उसी धर्म के सिद्धांतों के आधार पर फैसला करना चाहिए, लेकिन यह सब स्वास्थ्य, नैतिकता और सार्वजनिक व्यवस्था के अधीन होना चाहिए।” मामले पर सुनवाई जारी है।

    बता दें कि सितंबर 2018 में, पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए इसे अवैध और असंवैधानिक करार दिया था। बाद में 14 नवंबर 2019 को, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की दूसरी पीठ ने महिलाओं से भेदभाव के मुद्दे को 3:2 के बहुमत से बड़ी पीठ को भेज दिया था।

    Post Views: 325

    chhattisgarh Hindi khabar Hindi news hindinews india Raipur Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleजानिए केरल, असम और पुडुचेरी में सुबह 9 बजे तक इतने फीसदी हुई वोटिंग…
    Next Article यदि घर किराए पर ले रहे हैं; तो रेंट एग्रीमेंट में इन गलतियों से रहे सावधान वरना डूब जाएगा सारा पैसा…
    Tv36 Hindustan

    Related Posts

    अब होटलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और आवासीय कॉलोनियों को खुद करनी होगी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था…

    April 21, 2026

    रेल यात्रियों को सौगात, शुरू हुई नई एसी सुपरफास्ट स्पेशल, अवंतिका एक्सप्रेस पर कम होगा भार…

    April 21, 2026

    नगरीय निकायों के कार्यों की मैराथन समीक्षा का दूसरा दिन, उप मुख्यमंत्री ने की नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा…

    April 21, 2026

    स्वास्थ्य का सबसे बड़ा आउटरीच अभियान -4.916लाख स्क्रीनिंग, 5,645 मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार…

    April 21, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -Ads-
    -ADS-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • अब होटलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और आवासीय कॉलोनियों को खुद करनी होगी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था…
    • रेल यात्रियों को सौगात, शुरू हुई नई एसी सुपरफास्ट स्पेशल, अवंतिका एक्सप्रेस पर कम होगा भार…
    • नगरीय निकायों के कार्यों की मैराथन समीक्षा का दूसरा दिन, उप मुख्यमंत्री ने की नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा…
    • स्वास्थ्य का सबसे बड़ा आउटरीच अभियान -4.916लाख स्क्रीनिंग, 5,645 मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार…
    • काबुनी ने इन्हें बनाया सुपर कोच, ग्लोबल क्रिकेट ट्रेनिंग को बदलने की दिशा में बड़ा कदम…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?