नई दिल्ली:– रेंटल एग्रीमेंट केवल किराए की रसीद नहीं है, बल्कि यह आपकी गाढ़ी कमाई की सुरक्षा का कवच है. साइन करने से पहले अपनी सुरक्षा से जुड़ी बातों को एग्रीमेंट में शामिल करवाएं.
भारत के बड़े शहरों में किराए के घर की तलाश करना एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया होती है, बड़ी मुश्किल से जब लोगों को अपनी पसंद का घर मिल जाता है, तो अक्सर जल्दबाजी में रेंटल एग्रीमेंट पर साइन कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटी सी गलती भी भविष्य में आपके हजारों रुपये और आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट को खतरे में डाल सकती है?
सिक्योरिटी डिपॉजिट वह रकम है जो मकान मालिक ‘गारंटी’ के तौर पर रखता है, ताकि घर को नुकसान पहुंचने पर उसकी भरपाई की जा सके. अक्सर घर खाली करते समय इसी रकम को लेकर मकान मालिक और किराएदार के बीच विवाद होता है.
ज्यादातर किराएदार एग्रीमेंट में इस बात का जिक्र नहीं करते कि घर के सामान्य इस्तेमाल से होने वाली टूट-फूट की जिम्मेदारी किसकी होगी. अगर एग्रीमेंट में यह साफ नहीं है कि ‘सामान्य टूट-फूट’ जैसे कि दीवारों का रंग हल्का पड़ना या पुरानी फिटिंग्स का खराब होना किराएदार की गलती नहीं है, तो मकान मालिक पेंट और मरम्मत का पूरा पैसा आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट से काट सकता है.
सिक्योरिटी डिपॉजिट डूबने का सबसे आम कारण है घर खाली करते समय पेंट का खर्च. कई मकान मालिक एग्रीमेंट में लिख देते हैं कि घर खाली करते समय किराएदार पेंट कराकर देगा या एक महीने का किराया पेंटिंग के लिए कटेगा. अगर आपने घर सिर्फ एक साल के लिए लिया है, तो पूरे घर का पेंट कराने का खर्च आपकी डिपॉजिट को लगभग खत्म कर सकता है.
यह तय करें कि अगर आप घर को वैसी ही स्थिति में लौटा रहे हैं जैसी स्थिति में लिया था, तो पेंट के पैसे नहीं कटेंगे. अगर मकान मालिक पेंटिंग चार्ज का क्लॉज डालता है, तो उसकी राशि पहले से ही फिक्स करवा लें, ताकि बाद में वह मनमाना पैसा न काट सके.
किराए पर घर लेते समय हम यह रिकॉर्ड नहीं रखते कि घर में पहले से क्या-क्या कमियां थीं. मान लीजिए किसी टाइल में पहले से दरार है या कोई नल टपक रहा है. घर खाली करते समय मकान मालिक इन कमियों का दोष आप पर मढ़ सकता है और आपकी डिपॉजिट से पैसे काट सकता है.
एग्रीमेंट के साथ एक ‘मूव-इन चेकलिस्ट’ जोड़ें. घर में घुसने से पहले हर कमरे, बिजली के बोर्ड, किचन फिटिंग्स और पहले से मौजूद दाग-धब्बों की फोटो और वीडियो खींच लें. इसे ईमेल के जरिए मकान मालिक को भेज दें ताकि आपके पास तारीख के साथ सबूत रहे.
हमेशा चेक करें कि एग्रीमेंट में ‘लॉक-इन पीरियड’ कितना है. अगर आप लॉक-इन पीरियड खत्म होने से पहले घर छोड़ते हैं, तो मकान मालिक को आपकी पूरी सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त करने का कानूनी हक मिल जाता है. साथ ही, नोटिस की अवधि (आमतौर पर 1 महीना) का पालन जरूर करें.
