नई दिल्ली:– आजकल हर घर में अटैच बाथरूम होना आम बात है, लेकिन इसकी गलत दिशा या प्लेसमेंट व्यक्ति के आराम और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि बेड के ठीक सामने वॉशरूम का दरवाज़ा हो, तो इसे शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि इससे कमरे की सकारात्मक ऊर्जा कम हो सकती है और व्यक्ति को बेचैनी, तनाव या नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बाथरूम की दीवार से सटा बेड क्यों नहीं रखना चाहिए?
वास्तु के अनुसार बेड को बाथरूम की दीवार से सटाकर रखना भी सही नहीं माना जाता है।इससे शरीर को पूरा आराम हीं मिल पाता है। इससे व्यक्ति दिनभर थका हुआ महसूस कर सकता है। बेहतर होगा कि बेड और बाथरूम की दीवार के बीच थोड़ा सा गैप रखा जाए।
बेडरूम के सामने वॉशरूम क्या है वास्तु उपाय?
बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का दरवाजा खुला रखना वास्तु के हिसाब से नकारात्मक ऊर्जा को पूरे घर में फैलाता है। खासकर अगर बाथरूम आपके बेडरूम से जुड़ा है तो इसे खुला छोड़ना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। दरवाजा बंद रखने से घर का माहौल संतुलित रहता है और सेहत पर भी अच्छा असर पड़ता है।
दरवाज़े पर पर्दा लगाएं
आपके घर में बेड के सामने बाथरूम और टॉयलेट एक ही जगह बने हैं तो इनके बीच परदा लगाना अच्छा माना जाता है। यह न सिर्फ वास्तु दोष को कम करता है बल्कि स्वच्छता और प्राइवेसी दोनों बनाए रखता है।
नल से पानी टपकना बंद करे
बाथरूम के नल से पानी लगातार टपकता है, तो यह धन हानि का संकेत माना जाता है। तुरंत नल की मरम्मत कराएं ताकि आर्थिक नुकसान और नकारात्मक ऊर्जा दोनों से बचा जा सके।
खिड़की बंद न रखें
बाथरूम में खिड़की होने पर उसे हमेशा वेंटिलेशन के लिए खुला रखें। यह नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालती है और सूरज की रोशनी से वहां पॉजिटिव वाइब्स आती हैं।
बाथरूम गीला न छोड़ें
वास्तु शास्त्रों के अनुसार, इस्तेमाल के बाद बाथरूम को सुखाना न भूलें। गीला बाथरूम नमी और बदबू के साथ नकारात्मक ऊर्जा का घर बन जाता है, जो वास्तु दोष का कारण बन सकता हैं।
