नई दिल्ली:– संसद के विशेष सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से संबंधित तीनों विधेयकों पर बहस के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बयान चर्चा में है। लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस पूरे मामले का जवाब ‘नंबर 16’ में छुपा है। इसके बाद से पूरे देश में यह नंबर एक पहेली बन गई कि आखिर यह नंबर 16 क्या है। हर कोई अपने हिसाब से इसे डिकोड करने की कोशिश कर रहा है।
लोकसभा में तीनों विधेयक- संविधान, (131वां संशोधन) विधयेक, 2026, परिसीमन संशोधन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर बहस हो रही थी। यह बिल परिसीमन यानी लोकसभा और विधानसभा सीटों की नई सीमाएं तय करने और महिला आरक्षण से जुड़े थे। इस बहस में आज शुक्रवार को राहुल गांधी ने भी अपनी बात रखी।
PM मोदी के भाषण पर राहुल गांधी की टिप्पणी
राहुल गांधी ने कहा कि वो गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण देख रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण बहुत कमजोर लग रहा था, उनमें कोई जोश नहीं था, कुछ भी असरदार नहीं था। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री इसलिए ठीक से नहीं बोल पा रहे थे क्योंकि यह बिल लाना एक गलती थी और सब जानते थे कि यह संसद में पास नहीं होगा।
सामने कैसे आई राहुल की नंबर 16 की बात?
राहुल गांधी ने कहा कि जब वो प्रधानमंत्री का भाषण देख रहे थे तभी उन्होंने अपने फोन पर तारीख देखी और वो तारीख 16 अप्रैल थी। इसी दौरान उनके दिमाग में एक बात आई। उन्होंने कहा कि उन्हें अचानक लगा कि यह नंबर 16 ही सब कुछ है। इसी में पूरा जवाब है। राहुल ने कहा कि जो भी इस नंबर का मतलब समझता है वो उन्हें मैसेज करे या ‘X’ यानी ट्विटर पर बताए। उन्होंने कहा कि आपकी समस्याओं का जवाब नंबर 16 में है और आप जल्द ही जान जाएंगे।
सोशल मीडिया पर लोगों का अलग-अलग दावा
राहुल गांधी के इस पहली ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया। यूजर्स अलग-अलग दावा कर रहे हैं। कुछ ने कहा कि शायद TDP के 16 सांसदों की बात हो रही है। कुछ ने कहा कि शायद किसी 16 मिनट के वीडियो का हवाला है। कुछ ने कहा कि शायद किसी अंतरराष्ट्रीय घोटाले से जुड़ी बात है जिसमें बड़े-बड़े लोगों के नाम हैं। लेकिन राहुल गांधी ने खुद इस नंबर को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है।
जल्द सामने आएगा ‘नंबर-16’ का जवाब
राहुल ने नंबर-16 को लेकर स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं बताया है। उन्होंने बस यह संकेत दिया कि 16 अप्रैल की तारीख ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया। बाकी लोगों के लिए यह एक पहेली बनी हुई है। राहुल ने कहा कि इस नंबर का जवाब जल्द सामने आ आएगा।
राहुल के इस बयान के सियासी मायने
राहुल गांधी ने यह बात संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े बिलों की बहस के दौरान कही। इसका मतलब है कि वो कुछ ऐसी बात की तरफ इशारा कर रहे हैं जो सरकार के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है। यह एक राजनीतिक चाल भी हो सकती है जिससे लोगों का ध्यान खींचा जाए और सरकार को घेरा जाए
