नई दिल्ली:– भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक देश के बड़े हिस्से में जहां एक ओर गर्मी और लू का असर दिख रहा है, वहीं आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव से राहत मिलने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। इसका मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ है।पर्वतीय क्षेत्रों में, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 24 से 28 अप्रैल के बीच गरज-चमक, बिजली और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है, जबकि हवा की गति 30–50 किमी/घंटा तक रह सकती है।मैदानी इलाकों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 26 से 28 अप्रैल के बीच धूलभरी आंधी (30–40 किमी/घंटा) और हल्की बारिश के आसार हैं, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 25 से 28 अप्रैल के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। असम और मेघालय में 26 अप्रैल को 50–70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आने की आशंका है।
महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में 24 अप्रैल तक ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में 24 से 26 अप्रैल के बीच 50–60 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं। झारखंड और ओडिशा में भी छिटपुट बारिश के आसार हैं।
UP-बंगाल में हीटवेव जैसे हालात
मौसम विभाग के अनुसार 23 से 25 अप्रैल के बीच ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक और गुजरात के तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
उत्तर प्रदेश के आगरा, प्रयागराज और वाराणसी समेत 13 जिलों में हीटवेव जैसे हालात बने हुए हैं। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 43.7°C दर्ज किया गया, जबकि बांदा में 43.8°C, सुलतानपुर में 43.3°C और आगरा में 43°C तापमान रहा।
अन्य राज्यों का हाल
राजस्थान में भी गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में तापमान 42°C के पार पहुंच गया है। झुंझुनूं के पिलानी में 42.7°C और चित्तौड़गढ़ में 42.6°C तापमान दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है।
वहीं सिक्किम में भारी बर्फबारी के चलते फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारतीय सेना ने सुरक्षित बचाया। सेना ने जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स और सिक्किम पुलिस के साथ मिलकर खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बीच बचाव अभियान चलाया और सभी लोगों को सुरक्षित गंगटोक पहुंचाया।
