मध्य प्रदेश;– विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शासकीय संकल्प पेश किया। सत्र के शुरू होते ही तीखी नोकझोंक के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को संकल्प पेश करने की व्यवस्था दी। इस दौरान विपक्ष की और से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिघार ने अशासकीय संकल्प पेश करने की मांग की जिसे आसंदी से खारिज कर दिया गया।
दरअसल, इस सदन का मत है कि नारी शक्ति के वंदन हेतु महिलाओं के सर्वांगीण विकास एवं सशक्तिकरण के लिए देश की संसद एवं सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण, परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कर, तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
नेता विपक्ष ने उठाई चर्चा की मांग
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विपक्ष का प्रस्ताव है कि 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल दिया जाए इस पर चर्चा हो। हम आज से आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। वंही दूसरी तरफ कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विशेष सत्र संकल्प पत्र के लिए है। परंपरा के अनुसार पहले आए संकल्प स्वीकार होता है।
विशेष सत्र में अब तक क्या हुआ?
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि जिन विषयों पर चर्चा कराने की बात कही जा रही है, वही तो हम कर रहे हैं। अजय सिंह ने कहा कि आज की स्थिति में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था कर दीजिए। बाला बच्चन ने कहा कि जब देश की संसद में बिल वापस ले लिया गया उस पर शासकीय संकल्प क्यों। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 2023 में बिल आया तब जातिगत जनगणना का आभाष नहीं था।अब जातिगत जनगणना के आधार पर 2029 में 33% आरक्षण का लाभ महिलाओं को मिले केंद्र सरकार यही चाहती थी।
विपक्ष ने किया वॉकआउट
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शासकीय प्रस्ताव आ चुका है, अब अशासकीय प्रस्ताव मान्य नहीं हुआ है। CM के प्रस्ताव में संशोधन मान्य होगा। आज से आरक्षण लागू हो, इस मांग को लेकर हम सदन का वॉक आउट करते हैं। विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया। हालांकि इसके बाद सदन की कार्यवाही जारी है, इससे कार्यमंत्रणा की बैठक में विशेष सत्र में शामिल होने वाले विषयों लेकर चर्चा हुई।
