छत्तीसगढ़:- अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए एक नाबालिग और उसकी मां को गिरफ्तार किया है. हत्या की वारदात को दो नाबालिग दोस्तों ने मिलकर अंजाम दिया था. पुलिस दूसरे नाबालिग की तलाश में जुट गई है.
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पिछले दिनों हुए हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है. पुलिस ने इस हत्याकांड के मामले में एक महिला और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है. इस वारदात को दो नाबालिग दोस्तों ने मिलकर अंजाम दिया था.वहीं नाबालिग की मां ने खून से सने कपड़ों को और जूतों को जलाया था. पुलिस इस मामले में दूसरे नाबालिग की तलाश कर रही है. आरोपी मां को जेल तो वहीं नाबालिग बेटे को बाल संप्रेषण सुधार गृह भेजा गया है.
26 अप्रैल को मिला था शव
दरअसल, 26 अप्रैल को करहिडीह के सांस्कृतिक मंच के पीछे पत्थर से कुचली हुई लाश मिली थी. जिसकी सूचना आसपास के लोगों ने पुलिस को दी मौके पर पुलिस पहुंची. विवेचना करने पर मृतक की पहचान नारायण निषाद के रूप में हुई. इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई. जांच में एक 16 साल के नाबालिग पर शक हुआ तो पुलिस ने नाबालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
पैसे निकालने के दौरान होश आया
नाबालिग ने को बताया कि 25 अप्रैल की रात नारायण निषाद अपने दोस्तों को साथ बैठकर शराब पी रहा था. कुछ देर के बाद सभी वहां से चले गए लेकिन नारायण निषाद नशे में था. इसलिए वह वहीं जमीन पर लेट गया इसी दौरान दोनों नाबालिक दोस्त वहां पहुंचे और नारायण निषाद की जेब में पैसे देखकर वह दोनों लालच में आ गए. जब वह उसकी जेब से पैसे निकालने की कोशिश कर रहे थे, तभी नारायण निषाद को होश आ गया और उसने उन्हें पकड़ लिया.
दोस्तों ने की हत्या, मां ने दिया साथ
इसी वजह से दोनों नाबालिक दोस्तों ने मिलकर पहले तो मृतक के साथ मारपीट की और गमछा से पैर बांध कर पत्थर से सर को कुचल कर उसकी हत्या कर दी. इतना ही नहीं जांच में यह भी सामने आए की नाबालिक की मां सावित्री देवी निषाद ने साक्षय छुपाते हुए आरोपी बेटे के खून से सने हुए कपड़े और जूते को जला दिया था. फिलहाल पुलिस ने नाबालिक बेटे और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी मां को सेंट्रल जेल तो वहीं आरोपी नाबालिक को बाल संप्रेषण सुधार गृह भेजने की तैयारी की जा रही है. वहीं दूसरे आरोपी की तलाश जारी है.
