जम्मू-कश्मीर :– आतंकियों के डिजिटल नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। श्रीनगर पुलिस द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के बाद जांच में सामने आया कि आतंकी अब अत्याधुनिक और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अपने नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। इस मामले में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कसूर निवासी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और मोहम्मद उस्मान जट्ट समेत कई ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आतंकी BBM, Threema, Element, Dust, Signal, Telegram और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये मॉड्यूल जम्मू-कश्मीर के बाहर ठिकाने तैयार करने और नेटवर्क फैलाने में जुटा था। मामले के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए जांच अब NIA को सौंप दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि Threema जैसे ऐप बिना मोबाइल नंबर और ईमेल के पूरी तरह गुमनाम बातचीत की सुविधा देते हैं, जिससे आतंकियों को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है। वहीं Element और Dust जैसे ऐप्स पर भी एजेंसियों की नजर है, क्योंकि इनमें संदेश कुछ समय बाद खुद ही गायब हो जाते हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आतंकी VPN का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित ऐप्स तक पहुंच बना रहे थे।
संयुक्त राष्ट्र पहले ही चेतावनी दे चुका है कि आतंकी संगठन सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भर्ती, प्रचार और हिंसा फैलाने के लिए कर रहे हैं। लगातार बदलती तकनीक के बीच अब सुरक्षा एजेंसियों के सामने साइबर आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
