नई दिल्ली:– पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से राष्ट्रहित में कई बड़े संकल्प लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय लगातार संकटों से गुजर रही है। पहले कोरोना महामारी और उसके बाद यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसका असर आज भी खाद्यान्न, ईंधन और खाद की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करते हैं, उन्हें अब अतिरिक्त सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं। भारत के पास तेल के पर्याप्त भंडार नहीं हैं, इसलिए बड़ी मात्रा में ईंधन विदेशों से खरीदना पड़ता है। इससे देश की विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। ऐसे समय में हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह ईंधन की बचत कर देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दे। पीएम मोदी ने कहा कि अगर हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा प्रयास करे तो देश अरबों रुपये की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।
पीएम मोदी ने कोरोना काल की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय लोगों ने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को तेजी से अपनाया था। इससे न सिर्फ समय की बचत हुई बल्कि यात्रा कम होने से ईंधन की खपत भी घटी थी। उन्होंने कहा कि अब समय की मांग है कि इन व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता दी जाए। जिन कामों को ऑनलाइन किया जा सकता है, उन्हें अनावश्यक यात्रा के बजाय डिजिटल माध्यम से पूरा किया जाए।
प्रधानमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है, वहां निजी वाहनों की जगह मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। यदि कार से सफर जरूरी हो तो कार पूलिंग अपनाई जाए ताकि कम ईंधन खर्च हो। इसके साथ ही उन्होंने रेलवे फ्रेट सेवाओं के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रेनों से माल परिवहन करने पर डीजल की खपत काफी कम होती है। जिन लोगों के पास इलेक्ट्रिक वाहन हैं, उन्हें भी अधिक से अधिक उनका उपयोग करना चाहिए।
पीएम मोदी ने देशवासियों से कम से कम एक साल तक विदेश यात्रा टालने की भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि आजकल मध्यम वर्ग में डेस्टिनेशन वेडिंग, विदेशी टूर और विदेशों में छुट्टियां मनाने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में ही कई खूबसूरत पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जहां लोग घूमने जा सकते हैं और इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने सोने की खरीदारी को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पहले जब देश संकट में होता था तो लोग राष्ट्रहित में सोना दान करते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में यह संकल्प जरूर लिया जा सकता है कि अगले एक साल तक कोई नया सोने का आभूषण नहीं खरीदा जाएगा। इससे अनावश्यक आयात कम होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतवासी अगर जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ छोटे-छोटे संकल्प लें, तो देश हर चुनौती का मजबूती से सामना कर सकता है।
