नई दिल्ली:– ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण भाजपा सरकार देना ही नहीं चाहती है, इसलिए मामले को लंबा खींचा जा रहा है। सरकार के वकील कोर्ट में अव्वल तो पैरवी के लिए उपस्थित ही नहीं होते हैं और यदि आते भी हैं तो सुनवाई बढ़ाने की मांग करते हैं। कांग्रेस ने ओबीसी को पहले 14 और बाद में 13 प्रतिशत बढ़ाकर आरक्षण 27 प्रतिशत किया था। हम भाजपा सरकार का तब तक पीछा नहीं छोड़ेंगे, जब तक ओबीसी को उनका अधिकार नहीं मिल जाता है।
यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को भोपाल के आंबेडकर पार्क में 13 प्रतिशत रोके गए पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन करने पहुंचे अभ्यर्थियों के बीच कही और आंदोलन को समर्थन दिया।
न्यायालय में लंबित है मामला
प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने सरकार से शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती, एमपी पीएससी सहित विभिन्न भर्तियों में होल्ड किए गए पदों पर तत्काल नियुक्ति की मांग उठाई। ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला न्यायालय में लंबित है।
इसके चलते प्रदेश सरकार द्वारा कई प्रतियोगी परीक्षाओं एवं भर्तियों में ओबीसी वर्ग के 13 प्रतिशत पदों को होल्ड रखा गया है। इससे शिक्षक भर्ती पात्रता परीक्षा 2018, 2020 एवं 2023, पुलिस भर्ती, एमपीपीएससी तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं के हजारों अभ्यर्थियों के परिणाम और नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। 13% रोके गए पदों पर भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थी संघ द्वारा आंदोलन किया गया।
