नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद आज 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10% तक लुढ़क गए। पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट है।
कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10-10% तक टूट गए। वहीं, देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में 7% की गिरावट है। इसके अलावा पीएन गाडगिल 8%, थंगमयिल ज्वेलरी 6% और अन्य छोटे ज्वेलरी शेयरों में भी कमजोरी आई है।
पीएम मोदी ने क्यों की ऐसी अपील?
हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए ये अपील की है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
उन्होंने इस कार्यक्रम में तीन सुझाव दिए…
- एक साल तक सोना न खरीदे।
- वर्क फ्रॉम होम कल्चर अपनाए।
- अनावश्यक यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय दौरों से बचे
गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार
सेन्को गोल्ड के सुवंकर सेन ने CNBC से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि सरकार सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोने की डिमांड में 10% से 12% तक की कमी आ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
30 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकता है आयात
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में भारत का सोना आयात पिछले तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। बैंकों पर अचानक 3% इंटीग्रेटेड GST की मांग आने के बाद उन्होंने शिपमेंट रोक दी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर है।
वित्त वर्ष 2026 में भारत ने हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात किया है। इस पर हर महीने करीब 6 बिलियन डॉलर यानी करीब 57 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है।
इम्पोर्ट ड्यूटी: दूसरे देशों से सामान मंगाने पर सरकार जो टैक्स लगाती है, उसे इम्पोर्ट ड्यूटी कहते हैं। सोने पर यह टैक्स बढ़ने से देश में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।
