गुजरात :– कच्छ जिले स्थित कांडला बंदरगाह पर कतर से 20 हजार टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक बड़ा जहाज सुरक्षित पहुंच गया है। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच इस जहाज का भारत पहुंचना ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक मार्शल आइलैंड के ध्वज वाला पोत ‘एमवी सिमी’ कतर से रवाना हुआ था। जहाज ने 13 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया और शनिवार देर रात करीब 11:30 बजे गुजरात के दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण (कांडला पोर्ट) पहुंच गया।
मार्च से अब तक 13 भारतीय जहाजों ने पार किया होर्मुज
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति लगातार जारी है। मार्च की शुरुआत से अब तक 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इनमें 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चा तेल ले जाने वाला जहाज शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा भारत समेत कई देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है।
दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
ओमान तट के पास स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। जवाबी कार्रवाई और समुद्री हमलों की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजारों में चिंता पैदा कर दी है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (UNECO SOC) की विशेष बैठक में भारत ने भी होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते खतरों पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल की सुरक्षा को खतरे में डालना और समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता में बाधा पहुंचाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
ओमान तट पर भारतीय पोत पर हुआ था हमला
गौरतलब है कि 13 मई को ओमान तट के पास एक भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ था। इस घटना के बाद ओमान के अधिकारियों ने जहाज के सभी 14 चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया था। हालांकि अब तक हमले के पीछे किस संगठन या देश का हाथ था, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने की कोशिशों में जुटा है। कतर से LPG लेकर कांडला पहुंचे ‘एमवी सिमी’ जहाज को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
