नई दिल्ली:– ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल 19 मई को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में बड़े मंगल का विशेष महत्व माना जाता है और इस दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करने से संकटों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। ज्येष्ठ माह में हनुमान जी के वृद्ध स्वरूप की पूजा की जाती है, इसलिए इसे बुढ़वा मंगल या बढ़वा मंगल भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करने, हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करने से भय, दुख और बाधाएं दूर होती हैं। इस बार तीसरे बड़े मंगल पर पूजा के लिए 5 विशेष शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिन्हें बेहद फलदायी माना जा रहा है।
तीसरे बड़े मंगल पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:05 बजे से 04:47 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 02:34 बजे से 03:29 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 07:06 बजे से 07:27 बजे तक और अमृत काल रात 09:14 बजे से 09:40 बजे तक रहेगा। इन शुभ समयों में पूजा करने से विशेष पुण्य फल मिलने की मान्यता है।
बड़े मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। पूजन स्थल को गंगाजल से शुद्ध करने के बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और लाल फूल या गेंदे की माला अर्पित करें। इसके बाद घी या चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। पूजा में बेसन के लड्डू, बूंदी, गुड़-चना, रोट और फलों का भोग लगाना शुभ माना जाता है। अंत में आरती कर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करें और प्रसाद का वितरण करें।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यदि किसी की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर हो तो बड़े मंगल के दिन लाल मसूर, लाल वस्त्र या लाल फलों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे मंगल ग्रह मजबूत होता है और रुके हुए काम बनने लगते हैं।
