नई दिल्ली:– भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान ओस्लो के ऐतिहासिक रॉयल पैलेस में नॉर्वे के राजा हेराल्ड V से एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस खास मुलाकात में दोनों देशों के बीच तकनीक और व्यापार को आगे बढ़ाने पर बहुत ही गहरी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने इस दौरान नॉर्वे की कुदरती खूबसूरती की जमकर तारीफ की और पुरानी दोस्ती को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत और नॉर्वे के रिश्ते हमेशा से लोकतंत्र और कानून के राज जैसे साझा मूल्यों पर टिके हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और नॉर्वे के राजा के बीच हुई इस बैठक के बाद किंग हेराल्ड ने उनके विशेष सम्मान में एक शानदार लंच का भी आयोजन किया। इस शानदार मेहमाननवाजी के लिए पीएम मोदी ने किंग हेराल्ड का दिल से धन्यवाद दिया और अपना आभार भी जताया। दोनों देशों के बीच यह बढ़ती निकटता भविष्य में वैश्विक तरक्की और व्यापार के लिए नए दरवाजे खोलने वाली है। अधिकारी मानते हैं कि इस अहम दौरे से भारत और नॉर्वे के बीच ऐतिहासिक संबंध अब एक नई दिशा में आगे बढ़ेंगे।
पीएम मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान
आज सुबह पीएम मोदी को राजा हेराल्ड ने नॉर्वे के सबसे बड़े और बेहद प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। उन्हें रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया गया जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत के लोगों को समर्पित है और दोस्ती को सच्ची श्रद्धांजलि है।
पीएमओ के अनुसार यह विदेशी हेड्स ऑफ गवर्नमेंट को दिया जाने वाला नॉर्वे का सबसे बड़ा सम्मान है। यह विशेष पुरस्कार इंसानियत और नॉर्वे के हित में की गई शानदार सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। पीएम मोदी ने इस बड़े सम्मान के लिए नॉर्वे के लोगों और किंग हेराल्ड का बहुत शुक्रिया अदा किया।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ पीएम मोदी की ग्रीन साझेदारी
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ पीएम मोदी ने मीडिया को बहुत ही अहम जानकारी दी। उन्होंने घोषणा की कि भारत और नॉर्वे के संबंधों को अब ग्रीन रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ा दिया गया है। यह नई साझेदारी दोनों देशों की कंपनियों को विश्व स्तर पर उत्कृष्ट समाधान विकसित करने में भारी मदद करेगी। इस नई और बहुत बड़ी साझेदारी में भारत का शानदार स्केल, स्पीड और टैलेंट बेहद अहम भूमिका निभाएगा।
इसके साथ ही नॉर्वे की आधुनिक तकनीक और बेहतरीन कैपिटल मिलकर दुनिया को एक नई दिशा दिखाने का काम करेंगे। इस बड़े कदम से दोनों देशों के बीच भविष्य की पुरानी दोस्ती और मजबूत व्यापारिक सहयोग को सीधा फायदा मिलेगा। यह ऐतिहासिक और बड़ा अवार्ड भारत और नॉर्वे के बीच मौजूद गहरी और मजबूत सद्भावना के रिश्तों का प्रतीक है। पीएमओ ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि यह पुरस्कार भविष्य में उनकी सहयोग की यात्रा को अच्छी तरह गाइड करेगा। नई ग्रीन पार्टनरशिप से पर्यावरण की सुरक्षा और तकनीकी विकास के नए क्षेत्र में भारी क्रांति आने की पूरी संभावना है।
