नई दिल्ली:– जब भी हमें हिचकी आती है, तो कहा जाता है कि कोई हमें बहुत मन से याद कर रहा है। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हिचकी आते ही हम उस व्यक्ति के बारे में सोचने लगते हैं, जो शायद हमें याद कर रहा हो।
आमतौर पर हिचकी अपने आप ही ठीक हो जाती है, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता है और हिचकी से पेट में दर्द होने लगता है। ऐसे में इन घरेलू उपायों को करके आप निजात पा सकते हैं।
क्या है हिचकी आने के साइंटिफिक कारण
हिचकी आने का मुख्य कारण डायफ्राम (गले का एक हिस्सा) में सिकुड़न आना हो सकता है। इसके अलावा गैस या पाचन में गड़बड़ी, गर्दन में किसी प्रकार की गांठ या ट्यूमर या फिर मस्तिष्क में लगी चोट भी हो सकती है। साथ ही अगर आप बहुत तेजी से कुछ खाते या पीते हैं, तो भी हिचकी आ सकती है।
हिचकी से बचने के घरेलू नुस्खे
हींग और घी
कई बार पेट में गैस की समस्या से भी हिचकी आ सकती है, ऐसे में आप एक चम्मच में घी को हल्की सी गरम करके इसमें हींग मिलाएं। इस मिश्रण को छाछ में मिलाकर पीने से राहत मिलती है। दिन में दो बार पीने से हिचकी से छुटकारा मिल जाएगा।
काली मिर्च और शक्कर
हिचकी के लिए काली मिर्च और शक्कर भी कारगर उपाय है। 2-3 काली मिर्च लेकर उसे शक्कर के साथ चबाने से भी हिचकी में राहत मिलती है।
ठंडा पानी
बार हिचकी आने पर ठंडे पानी का गरारा करना भी लाभदायक होता है। ठंडे पानी से मांसपेशियां शांत होती है। जिससे हिचकी रूक जाती है।
इन सबके अलावा कुछ घरेलू टोटकों से भी हिचकी को शांत किया जा सकता है।
पेपर बैग का इस्तेमाल
एक पेपर बैग लें और उसमें नाक और मुंह को अंदर की ओर करके सांस फूंकने की कोशिश करें। इससे हिचकी रुकने में मदद मिलेगी। इस बात का ध्यान रखें कि आप प्लास्टिक की थैली का इस्तेमाल ना करें बल्कि पेपर बैग का ही इस्तेमाल करें।
जीभ बाहर निकालें
हमारे शरीर में कुछ प्रेशर प्वाइंट्स होते हैं, जहां प्रेशर देकर भी हिचकी को रोका जा सकता है। इसके लिए अपनी जीभ को बाहर निकालें और बाहर की तरफ ही खींचने की कोशिश करें। इसके बाद उंगली से जीभ के सिरे को पकड़ें और वापस अंदर धकेलें। इस तकनीक से हिचकी बंद हो सकती है।
शॉक थेरेपी
बड़े-बुजर्गों के अनुसार, जब हिचकी आएं, तो उस व्यक्ति को ऐसी कोई बात कही जाए, जिससे उसे झटका लगे। इससे माइंड शिफ्ट होता है और ध्यान दूसरी बातों पर चला जाता है। इससे भी हिचकी बंद हो जाती है।
