महाराष्ट्र :– पुणे से सटे पिंपरी-चिंचवड शहर के दापोडी और फुगेवाडी इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गुरुवार को एक ही दिन में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय निवासियों और मृतकों के परिजनों ने क्षेत्र में धड़ल्ले से बिकने वाली अवैध हाथभट्टी (कच्ची शराब) को इन मौतों का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार कर लिया है।
नागरिकों का आरोप है कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित जहरीली और अवैध शराब पीने की वजह से ही इन सभी लोगों की जान गई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे अवैध शराब के धंधे फल-फूल रहे हैं, जिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पुलिस ने मौतों को लेकर किया अलग दावा
एक तरफ जहां स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि खुलेआम जहरीली शराब से मौत का दावा कर रहे हैं, वहीं पिंपरी-चिंचवड पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अलग रुख अपनाया है। शुरुआती बयान में पुलिस ने शराब से मौत के दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है।
पुलिस का कहना है कि इन 8 में से 5 नागरिकों की मौत अलग-अलग बीमारियों या अन्य कारणों से हुई है। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि मरने वाले 8 लोगों में से 5 को अपनी मौत से ठीक पहले तेज चक्कर आने की शिकायत हुई थी। पुलिस के इसी विरोधाभासी बयान के चलते अब उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी मृतकों और अस्पताल में भर्ती मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
मृतकों और घायलों की सूची
इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले नागरिकों की पहचान इस प्रकार हुई है।
पांडुरंग फुगे
विजय प्रकाश राठौड़
राजेंद्र प्रकाश राठौड़
राजू राजपूत
अकबर पठान
बाबा शेख
आनंद देसाई
आनंद निकालजे
इसके अलावा, जिन दो लोगों का इलाज चल रहा है और जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है, उनके नाम सुभाष डिगीकर (मेडी पॉइंट हॉस्पिटल में भर्ती) और अक्षय अवसरमल (यशवंतराव चव्हाण अस्पताल – YCM में भर्ती) हैं।
फिलहाल, पूरा फुगेवाडी और दापोडी इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। पिंपरी चिंचवड पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की अंतिम और विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा, लेकिन इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया है।
