छत्तीसगढ़ :– तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का चल रहा सामूहिक अवकाश आंदोलन अब समाप्त हो गया है। सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील अंतर्गत राजापुर उप तहसील में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन अब शासन से बातचीत के बाद स्थगित कर दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
राजापुर उप तहसील में शासकीय कार्य के दौरान नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट और अभद्रता की घटना हुई थी। इसके विरोध में पूरे प्रदेश के राजस्व अधिकारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर कामकाज ठप कर दिया था। इस दौरान जाति, निवास, भूमि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए।
शासन से बातचीत के बाद फैसला
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ और शासन के बीच 1 जून 2026 को हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। संघ ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, तहसीलदारों की सुरक्षा, संसाधनों की कमी और स्टाफ की उपलब्धता जैसे मुद्दे उठाए। शासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि मामले में तेजी से कार्रवाई की जाएगी और अन्य प्रशासनिक समस्याओं का भी चरणबद्ध समाधान किया जाएगा।
पुलिस कार्रवाई में प्रगति
सीतापुर थाना पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 190/2026 के तहत मामला दर्ज किया है। दो नामजद आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
4 जून से सामान्य कामकाज बहाल
आंदोलन समाप्त होने के बाद अब प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में 4 जून 2026 से राजस्व सेवाएं फिर से सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
