नई दिल्ली:– विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भैरूंदा तहसील क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेत ठेकेदार कंपनी यूफोरिया माइंस एंड मिनरल्स कंसोर्टियम द्वारा व्यापक पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। कंपनी ने इस वर्ष तहसील क्षेत्र में 5000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत विभिन्न शासकीय कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण किया जा रहा है।
अभियान की शुरुआत तहसील कार्यालय भैरूंदा परिसर से की गई, जहां अधिकारियों, कर्मचारियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद थाना भैरूंदा, थाना गोपालपुर तथा ग्राम पंचायत छिदगांव काछी परिसर में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान छायादार, फलदार एवं पर्यावरण के लिए उपयोगी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि यूफोरिया माइंस एंड मिनरल्स कंसोर्टियम पिछले चार वर्षों से लगातार बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान संचालित कर रही है। कंपनी द्वारा अब तक हजारों पौधे लगाए जा चुके हैं तथा उनके संरक्षण और देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष 5000 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी मजबूत किया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र को देखते हुए पौधारोपण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कंपनी के प्रतिनिधि मल्लिकार्जुन राव, डायरेक्टर विनोद गोदावरी, मोहन राव, दिनेश कुशवाहा, राहुल रघुवंशी, अकाउंटेंट छत्रपाल सिंह, प्रिया स्वामी, नंदकिशोर बाबूजी, अरविंद भदौरिया, अलम जी, अमित कुशवाहा एवं राहुल कुशवाह सहित तहसील प्रशासन, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा कंपनी के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस पौधारोपण अभियान ने लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ हरित भविष्य के निर्माण का संदेश दिया। स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।यह संस्करण स्थानीय समाचार पत्र एवं पोर्टल प्रकाशन के लिए उपयुक्त है।
