नई दिल्ली:– देश की राजधानी नई दिल्ली में गुरुवार को नीति आयोग (NITI Aayog) की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। राष्ट्रपति भवन स्थित सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। बैठक का मुख्य विषय “विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखा गया है।इस दौरान केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
CM विष्णुदेव साय ने रखेंगे छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी इस अहम बैठक में शामिल हुए। आज वह राज्य में सुशासन, विकास कार्यों और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों को सामने रखेंग । मुख्यमंत्री साय ने नक्सल प्रभावित इलाकों में हुए विकास, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डालेंगे। इसके अलावा विकसित छत्तीसगढ़ के रोडमैप, राज्य की प्राथमिकताओं और केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
कौशल विकास और रोजगार पर विशेष फोकस
बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास को मजबूत करने और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए युवाओं को आधुनिक तकनीकों और नई क्षमताओं से लैस करना जरूरी है। इसके साथ ही विकेंद्रीकृत विकास मॉडल को बढ़ावा देने और ग्रामीण-शहरी विकास के बीच संतुलन बनाने पर भी चर्चा की गई।
स्वास्थ्य और पोषण को लेकर रणनीति
नीति आयोग की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पोषण स्तर में सुधार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रभावशीलता पर भी विचार-विमर्श कर सकते है। राज्यों से स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं और हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर केंद्रित चर्चा
बैठक में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को लेकर व्यापक चर्चा भी कर सकते हैं । इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचे और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीतियों पर विचार करेंगे । विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से ही विकसित भारत के लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में हासिल किया जा सकता है।
राज्यों के अनुभवों से बनेगा साझा विकास रोडमैप
बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव, चुनौतियां और सफल मॉडल साझा कर सकते हैं। इन सुझावों के आधार पर देश के लिए एक समग्र और समावेशी विकास रोडमैप तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
