नई दिल्ली :– आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और कॉपोरेट ऑफिस कल्चर में अक्सर लोग रविवार की छुट्टी के दिन ही बाल कटवाने, दाढ़ी-मूंछ सेट कराने या नाखून काटने का काम करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी सहूलियत के लिए चुना गया यह दिन आपके जीवन में परेशानियों को निमंत्रण दे रहा है? शास्त्रों में इन सभी कामों (जिन्हें ‘छौर कर्म’ कहा जाता है) के लिए विशेष नियम और दिन तय किए गए हैं।
वृंदावन के प्रसिद्ध संत और जाने-माने धर्मगुरु प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, सप्ताह के कुछ दिनों में बाल या नाखून काटने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव झेलने पड़ते हैं, जिससे बुद्धि और धन का नाश होता है। आइए जानते हैं कि प्रेमानंद महाराज के अनुसार किस दिन ये काम करना चाहिए और किस दिन नहीं।
भूलकर भी मंगलवार और शनिवार को न करें ये काम
प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचन में स्पष्ट करते हैं कि मंगलवार और शनिवार के दिन भूलकर भी बाल या दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए।
मंगलवार: इस दिन नाखून या बाल काटने से शरीर में क्रोध बढ़ता है और उम्र कम होती है। शास्त्रों में इसे अकाल मृत्यु का योग बनाने वाला माना गया है।
शनिवार: शनिवार के दिन भी छौर कर्म करना वर्जित है, क्योंकि यह भी अकाल मृत्यु के योग को बढ़ावा देता है।
अन्य दिनों में बाल कटवाने के नुकसान
रविवार: ज्यादातर लोग इसी दिन बाल कटवाते हैं, लेकिन चूंकि यह सूर्य का दिन है, इसलिए इस दिन बाल-दाढ़ी बनाने से धन, बुद्धि, यश और कीर्ति की भारी हानि होती है।
सोमवार: जो लोग शिव जी के उपासक हैं या अपने पुत्र की उन्नति और तरक्की चाहते हैं, उन्हें सोमवार के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
गुरुवार: यह साक्षात गुरु और भगवान विष्णु का दिन है। इस दिन छौर कर्म करने से देवी लक्ष्मी रूठ जाती हैं और मान-सम्मान की हानि होती है।
शास्त्रों के अनुसार ये दो दिन हैं सबसे शुभ
प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि पूरे सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही ऐसे हैं, जब व्यक्ति को बाल, दाढ़ी या नाखून काटने चाहिए…
यदि आप बुधवार और शुक्रवार को छौर कर्म करते हैं, तो शास्त्रों के अनुसार इससे आपके जीवन में लाभ, यश, समृद्धि और चौमुखी उन्नति प्राप्त होती है। महाराज जी हल्के अंदाज में यह भी कहते हैं कि ‘आजकल तो लोग दिन में तीन बार दाढ़ी बना लेते हैं, इसीलिए सबकी बुद्धि भ्रष्ट है।’ अगर जीवन में संकटों से बचना है, तो शास्त्रों के इन नियमों का पालन जरूर करें।
