नई दिल्ली:– हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से अपने गुट मान्यता देने की अपील की थी। साथ ही त्रिपुरा की क्षेत्रीय पार्टी में विलय का भी ऐलान किया था। लोकसभा में बागी गुट को मान्यता मिलेगी या नहीं इसका फैसला स्पीकर ओम बिरला करेंगे। मीडिया सूत्रों के अनुसार, मामले पर फैसला सुनाने से पहले स्पीकर ने TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी को अपना पक्ष रखने के लिए 19 जून को बुलाया है।
TMC ने किया इनकार
मीडिया एजेंसी PTI के अनुसार, स्पीकर ने अभिषेक बनर्जी को मीटिंग के लिए बुलाया, जबकि TMC का कहना है कि अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। संसदीय सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी को 19 जून को मीटिंग के लिए बुलाया है, ताकि वे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में हुई टूट के मामले में अपना पक्ष रख सकें। जानकारी के अनुसार, स्पीकर फैसला लेने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना चाहते हैं।
ममता गुट का तर्क
बागी गुट के ऐलान के बाद ममता बनर्जी के गुट ने भी स्पीकर को पत्र लिखा था। इसके जरिए स्पीकर से अपील की गई थी कि TMC के बागी सांसदों के गुट को मान्यता न दी जाए। उनका तर्क था कि दलबदल विरोधी कानून के अनुसार, वैध विलय के लिए राजनीतिक दल का विलय के साथ-साथ पार्टी के कम से कम दो-तिहाई विधायकों का समर्थन जरूरी होता है।
TMC के बागी सांसदों ने 14 जून को दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की। मुलाकात के बाद बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मीडिया से बातचीत में कहा, AITC से चुने गए हम बीस सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा। ये बीस सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हैं। हम नेशनलिस्ट सिटिन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।
