उत्तर प्रदेश:- श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा गणना कक्ष में कथित चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया चढ़ावा गिनती के दौरान चोरी और गबन की आशंकाओं को सही माना गया है। जांच के दौरान आरोपियों के बयान, बैंक खातों में आय से अधिक धनराशि और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कई गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया है। हालांकि एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
CCTV फुटेज में दर्ज हुईं संदिग्ध गतिविधियां
प्रारंभिक जांच के दौरान उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में गिनती के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों द्वारा करीब 70 बार नोटों की गड्डियां और खुले नोट छिपाने जैसी हरकतें रिकॉर्ड हुई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि प्रवेश और निकास पर अनिवार्य तलाशी, निर्धारित वेशभूषा तथा निजी सामान पर प्रतिबंध जैसे सुरक्षा नियम प्रभावी ढंग से लागू नहीं किए गए, जिससे अनियमितताओं की संभावना बढ़ी।
पर्यवेक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एसआईटी ने ट्रस्ट की ओर से निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले डॉ. अनिल मिश्रा की पर्यवेक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा मानकों और एसओपी के पालन की नियमित समीक्षा नहीं होने से निगरानी व्यवस्था कमजोर रही। वहीं गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव को भी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कराने में लापरवाही का जिम्मेदार बताया गया है।
जांच में यह भी उल्लेख किया गया है कि पहले लागू सख्त सुरक्षा व्यवस्था में बाद में बदलाव किए गए, जिसके बाद अनिवार्य तलाशी की जगह नियमित या रैंडम जांच का प्रावधान कर दिया गया। इससे सुरक्षा व्यवस्था और कमजोर हुई।
चाबियों के इस्तेमाल और बैंक की भूमिका पर भी सवाल
रिपोर्ट में रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका को भी संदेह के दायरे में रखा गया है। जांच के अनुसार, उनके पास मंदिर की विभिन्न हुंडियों की चाबियां थीं, जबकि इसके लिए कोई अधिकृत आदेश नहीं था। साथ ही उन्होंने अपने एक रिश्तेदार की गणना ड्यूटी के लिए सिफारिश भी की थी।
एसआईटी ने बैंक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्धारित ड्रेस कोड लागू नहीं कराया गया, अधिकारियों के नियमित रोटेशन का पालन नहीं हुआ और सीसीटीवी फुटेज को पर्याप्त अवधि तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी नहीं की गई, जिससे जांच प्रभावित हुई।
आठ लोगों पर FIR दर्ज करने की सिफारिश
प्रारंभिक जांच के आधार पर एसआईटी ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। इसके अलावा गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, अन्य पर्यवेक्षणीय कर्मचारियों और रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के खिलाफ भी अलग से कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
एसआईटी का कहना है कि यह केवल शुरुआती जांच रिपोर्ट है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट में प्रशासनिक जिम्मेदारी, संस्थागत कमियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।
