नई दिल्ली:– भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को भारत पर पूरा भरोसा है और दोनों देश मिलकर कई अहम क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) के वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश मोबिलिटी, तकनीक, रक्षा और उद्योग समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।
‘भारत पर हमें पूरा भरोसा’
सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश ऐसा व्यापारिक संबंध तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों देशों के हित में हो।
अमेरिकी राजदूत ने यह भी बताया कि द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस महीने के अंत में अमेरिका का दौरा कर सकते हैं।
व्यापार से कहीं आगे बढ़ी भारत-अमेरिका साझेदारी
सर्जियो गोर के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच सहयोग अब पारंपरिक व्यापार से काफी आगे निकल चुका है। उन्होंने फार्मास्युटिकल, रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया।
उन्होंने भारत की ‘पैक्स सिलिका’ पहल में शुरुआती भागीदारी का भी जिक्र किया और इसे दोनों देशों के बीच तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भारतीय ऑटो सेक्टर की तारीफ
अमेरिकी राजदूत ने भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय ऑटो सेक्टर ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है और यह दुनिया के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरा है।
उन्होंने अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी फोर्ड के भारत में दोबारा अपने कारोबार को विस्तार देने के फैसले का उदाहरण भी दिया। फोर्ड ने चेन्नई स्थित अपने प्लांट को फिर से शुरू करने और उसके पुनर्गठन की योजना की घोषणा की है। इसके तहत भारत से वैश्विक बाजार के लिए इंजन निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा।
अमेरिकी कंपनियों के लिए बेहतर माहौल की उम्मीद
सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी कंपनियों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियों को बाजार तक बेहतर पहुंच और प्रतिस्पर्धा के समान अवसर मिलने चाहिए।
साथ ही उन्होंने भारतीय कंपनियों को अमेरिका में अपने कारोबार और संचालन का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया। उनका कहना था कि अमेरिका कारोबार के लिए सभी के दरवाजे खुले रखने की दिशा में काम कर रहा है।
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता यह सहयोग दोनों देशों के लिए आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में व्यापार वार्ता और औद्योगिक साझेदारी में होने वाली प्रगति पर दोनों देशों की नजर रहेगी।
