नई दिल्ली:– सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। यमन के हूतियों ने सोमवार को सऊदी अरब के तीन शहरों खमीस मुशैत, आभा और ताइफ में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं। घायलों को मामूली से मध्यम चोटें आई हैं। हमलों में 7 घरों और 2 वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
खमीस मुशैत के सैन्य एयरबेस को भी बनाया निशाना
हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत स्थित सैन्य एयरबेस पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे। हूतियों का कहना है कि उन्होंने एयरबेस के विमान हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद के ठिकानों को निशाना बनाया। हूती समूह ने इन हमलों को यमन में सऊदी हवाई हमलों के जवाब के तौर पर बताया है।
कई शहरों में इमरजेंसी अलर्ट
हमलों के बाद सऊदी अरब ने कई इलाकों में नागरिकों को संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया। जेद्दा, आभा, जाजान, ताइफ, अलउला और यानबू समेत कई इलाकों के लिए चेतावनी जारी की गई। लोगों को शांत रहने, सरकारी निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। सऊदी सिविल डिफेंस ने बाद में कुछ प्रभावित इलाकों में खतरा टलने की जानकारी दी। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सऊदी ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि हूतियों के हमले लगातार नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी और मजबूती से जवाब देगा।
मध्य पूर्व में बढ़ रहा तनाव
हूतियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है, जब पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। यमन के रेड सी तट और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में भी संघर्ष तेज हुआ है। विशेषज्ञों की चिंता है कि अगर हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा तो इसका असर रेड सी में जहाजों की आवाजाही और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
