छत्तीसगढ़:- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रविवार को रायपुर पहुंचे। यहां उन्होंने युवाओं से संवाद किया और छत्तीसगढ़ की राजनीति को लेकर पार्टी की आगामी रणनीति पर बड़ा बयान दिया। चिराग पासवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की राज्य इकाई को मजबूत किया जाएगा और संगठन में जरूरी नियुक्तियां की जाएंगी। पार्टी आने वाले चुनावों में भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है। रायपुर में चिराग पासवान का दौरा ऐसे समय हुआ है, जब उनकी पार्टी अलग-अलग राज्यों में संगठन विस्तार और चुनावी गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दे रही है। पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी चिराग पासवान को राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर दर्ज किया गया है।
छत्तीसगढ़ में संगठन विस्तार करेगी LJP
चिराग पासवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाएगा। राज्य इकाई के गठन के बाद पार्टी के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी चुनावों में LJP छत्तीसगढ़ में अपनी सक्रिय राजनीतिक भूमिका के साथ मैदान में उतर सकती है। उन्होंने कहा कि रायपुर आने का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं से संवाद करना और उनके विचारों तथा समस्याओं को समझना है। पार्टी की रणनीति में युवाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। गौरतलब है कि अगस्त 2026 में LJP (रामविलास) ने राष्ट्रीय संगठन में बदलाव करते हुए विभिन्न राज्यों के लिए प्रदेश अध्यक्षों और पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की थीं।
SIR को लेकर चिराग पासवान ने क्या कहा?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि अगर किसी मतदाता के मन में चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर संदेह है, तो आयोग की जिम्मेदारी है कि वह लोगों का विश्वास कायम करे। उन्होंने SIR के दौरान नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी अपनी बात रखी। चिराग ने कहा कि यदि बड़ी संख्या में सामान्य मतदाताओं के नाम हटाए गए होते, तो इसका व्यापक असर दिखाई देता। SIR को लेकर चिराग पासवान पहले भी विपक्ष की आलोचना कर चुके हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस के चुनाव रद्द करने की मांग पर पलटवार
कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों और चुनाव रद्द कर दोबारा कराने की मांग पर चिराग पासवान ने सवाल खड़े किए। उन्होंने विपक्ष से पूछा कि यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर इतना संदेह है तो जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार या राजनीतिक प्रभाव है, वहां भी क्या वह चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेगी। चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना है, लेकिन उनके मुताबिक कई बार राजनीतिक मुद्दे कुछ समय बाद बदल जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि SIR का मुद्दा सामने आने के बाद विपक्ष का EVM से जुड़ा मुद्दा पीछे चला गया है।
बीजेपी से गठबंधन पर क्या बोले चिराग?
छत्तीसगढ़ में संगठन के विस्तार के बाद भारतीय जनता पार्टी के साथ संभावित गठबंधन या समर्थन के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि इस संबंध में फैसला परिस्थितियों के अनुसार लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य में पार्टी की इकाई बनने के बाद स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी। LJP (रामविलास) फिलहाल राष्ट्रीय स्तर पर NDA का हिस्सा है, हालांकि अलग-अलग राज्यों में पार्टी की चुनावी रणनीति और गठबंधन संबंधी फैसले स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अलग हो सकते हैं।
युवाओं से संवाद पर रहा जोर
रायपुर दौरे के दौरान चिराग पासवान ने युवाओं से संवाद पर विशेष जोर दिया। इससे पहले भी वे अलग-अलग राज्यों में युवाओं के बीच संवाद कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। सितंबर में प्रयागराज में आयोजित ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और राजनीति में भागीदारी जैसे मुद्दों पर बातचीत की थी। छत्तीसगढ़ में LJP के संगठन विस्तार के ऐलान के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी राज्य इकाई में किन नेताओं को जिम्मेदारी देती है और आगामी चुनावों को लेकर उसका संगठन किस तरह सक्रिय होता है।
