छत्तीसगढ़ :- अब मौसम का मिजाज मानसून से हटकर धीरे-धीरे बदलने लगा है। प्रदेश में बारिश की गतिविधियां लगभग थम गई हैं और कई इलाकों में दिन के समय तेज धूप निकल रही है। दोपहर में बढ़ते तापमान से गर्मी का असर महसूस हो रहा है, वहीं रात होते ही मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
मौसम के इस बदलाव के बीच लोगों को आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में अंतर और बढ़ता नजर आ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ऐसी कोई बड़ी मौसमी गतिविधि नहीं है, जिससे प्रदेश में व्यापक बारिश की उम्मीद की जाए।
मानसून कमजोर पड़ने के बाद छत्तीसगढ़ में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगा है। साफ आसमान के कारण दिन में सूर्य की गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। वहीं रात में तापमान नीचे जाने लगा है।
प्रदेश के उत्तरी इलाकों में इसका असर अभी से दिखाई देने लगा है। अंबिकापुर में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में रात का मौसम और ठंडा हो सकता है।
राजधानी रायपुर में सोमवार को मौसम सामान्य रहने की संभावना है। दिन के समय आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से गर्मी महसूस होगी।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर का तापमान दिन में करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। रात में पारा लगभग 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
फिलहाल राजधानी में बारिश जैसी स्थिति नहीं बन रही है। सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत राहत देने वाला रह सकता है।
प्रदेश में पिछले एक दिन के दौरान तापमान में भी अंतर देखने को मिला। राजनांदगांव में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
दूसरी ओर अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। यानी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिन और रात के मौसम में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस समय बारिश कराने वाला कोई प्रभावी सिस्टम नहीं बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान भी छत्तीसगढ़ में बारिश नहीं हुई।
इसी वजह से अगले कुछ दिनों तक ज्यादातर जिलों में सूखा मौसम रहने का अनुमान है। फिलहाल मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के लिए किसी तरह की बड़ी चेतावनी भी जारी नहीं की गई है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब छत्तीसगढ़ से भी धीरे-धीरे पीछे हट रहा है। प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है, जबकि बाकी क्षेत्रों में इसकी वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों से मानसून वापस लौट सकता है। इसके साथ ही प्रदेश में बारिश का दौर पूरी तरह कमजोर पड़ने की संभावना है।
मानसून की वापसी का असर सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ के बड़े हिस्सों में भी मानसून की विदाई के लिए मौसम अनुकूल होता जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून वापसी की प्रक्रिया सुपौल से लेकर रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई तक बनी हुई रेखा के आसपास आगे बढ़ रही है।
मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश से दक्षिण बिहार होते हुए विदर्भ तक एक द्रोणिका बनने की जानकारी दी है। हालांकि फिलहाल इसका छत्तीसगढ़ में ऐसा प्रभाव नहीं दिख रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर बारिश हो।
अगर आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली की स्थिति बदलती है तो कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
छत्तीसगढ़ में अब धीरे-धीरे मौसम का पैटर्न बदलने वाला है। दिन में धूप और गर्मी का असर बना रहेगा, जबकि रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो सकता है।
खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में रातें अपेक्षाकृत ठंडी होने की संभावना है। वहीं मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में दिन के समय गर्मी कुछ दिनों तक परेशान कर सकती है।
फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलती नजर आ रही है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण गर्मी से बचाव करना जरूरी होगा। आने वाले दिनों में रात की ठंडक बढ़ने के साथ मौसम में बदलाव और साफ दिखाई देने लगेगा।
