कोरबा :-अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में वृद्धजनों की सेवा कर रहे प्रशांति वृद्धाश्रम के 28 महिला-पुरुष को आमंत्रित नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। समारोह में बुजुर्गों का सम्मान और सहायक उपकरणों का वितरण किया गया, लेकिन आश्रम में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों की कथित अनदेखी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं,नवदृष्टि समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद सादिक शेख ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर समाज कल्याण विभाग कोरबा के उपसंचालक हरि सक्सेना तथा परिवीक्षा अधिकारी मुकेश दिवाकर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि प्रशांति वृद्धाश्रम पिछले 23 वर्षों से निराश्रित एवं जरूरतमंदों की सेवा कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में आश्रम के 28 बुजुर्गों को आमंत्रित नहीं किया जाना पीड़ादायक और निराशाजनक है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि इससे पहले जिला स्तरीय वृद्धजन दिवस कार्यक्रमों में आश्रम के बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक बुलाया जाता रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आश्रम में निवासरत वृद्धजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में भी कथित भेदभाव किया गया। संस्था के अनुसार पिछले करीब तीन वर्षों से आश्रम को समाज कल्याण विभाग से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।
शिकायतकर्ता ने पूर्व संचालक गोयल के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आश्रम की गठित उपेक्षा का आरोप लगाया है। वर्तमान अधिकारियों के कार्यकाल में भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात शिकायत में कही गई है। शिकायत में पूरे मामले की जांच कर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि जिस दिन समाज को अपने बुजुर्गों के सम्मान और अधिकारों का संदेश देना था, उसी दिन वर्षों से सेवा प्राप्त कर रहे आश्रम के वरिष्ठ नागरिक जिला स्तरीय समारोह से बाहर क्यों रह गए?
