नई दिल्ली:- भारत और स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सोमवार को कई अहम फैसले लिए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने माइग्रेशन, यंग प्रोफेशनल्स, ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी, रिसर्च और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से जुड़े पांच प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए। वहीं, दोनों पक्षों ने रक्षा उत्पादन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
भारतीय युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए नए अवसर
माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप के तहत भारतीय नागरिकों के लिए स्विट्जरलैंड में लंबे समय के मल्टीपल-एंट्री वीजा की सुविधा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत वीजा 5 साल तक वैध हो सकता है और प्रत्येक यात्रा में 6 महीने तक रहने की व्यवस्था है। छात्रों के लिए एक साल के रिन्यूएबल परमिट का भी प्रावधान है। इसके अलावा Young Professionals Agreement के तहत दोनों देशों से हर साल 300 युवा प्रोफेशनल्स का आदान-प्रदान किया जा सकेगा। जरूरत के अनुसार यह संख्या बढ़ाकर 500 तक की जा सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट में साथ आएंगे दोनों देश
भारत और स्विट्जरलैंड ने परिवहन तकनीक, मोबिलिटी सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी समझौता किया है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन, रोपवे, टनल और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण पर जोर रहेगा।
विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में भारत के Department of Science and Technology और Swiss National Science Foundation के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के वैज्ञानिकों के बीच संयुक्त रिसर्च और नई परियोजनाओं को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही ज्यूरिख यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज के साथ innovation, technology transfer और entrepreneurship को लेकर भी सहयोग की व्यवस्था की गई है।
100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख नौकरियों का लक्ष्य
भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) के बीच लागू ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट के तहत भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और अगले 15 वर्षों में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश भारतीय कृषि उत्पादों, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सामान के लिए स्विस बाजार में पहुंच बढ़ाने तथा भारत में स्विस निवेश को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
वैश्विक शांति के लिए मिलकर काम करेंगे
संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों, बातचीत और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। वे वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर कार्य करेंगे। PM मोदी ने अगले वर्ष एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए स्विट्जरलैंड को शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान कहा कि दोनों देश एआई को जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित बनाने को बढ़ते रहेंगे।
