छत्तीसगढ़ :- मानसून की विदाई के बाद भी बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं। कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने के बाद दक्षिणी इलाकों में फिर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। ऐसे में शनिवार, 17 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
मौसम केंद्र रायपुर के 16 अक्टूबर को जारी बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ में पांच दिनों तक एक-दो स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। इसका असर अलग-अलग इलाकों में अलग समय पर देखने को मिल सकता है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार
दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान कहीं-कहीं बिजली चमकने और गिरने का भी खतरा रह सकता है। कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार बताए गए हैं।
हालांकि, यह पूर्वानुमान एक-दो स्थानों के लिए है। इसलिए पूरे प्रदेश में एक साथ बारिश होने या सभी जिलों में एक जैसी स्थिति रहने का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। दक्षिणी हिस्सों में बारिश की संभावना के बीच दूसरे इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।
छिंदगढ़ में 9 सेंटीमीटर बारिश, इन इलाकों में भी बरसे बादल
पिछले 24 घंटों की उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। दक्षिण छत्तीसगढ़ के छिंदगढ़ में 9 सेंटीमीटर पानी गिरा। वहीं बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, कुआकोंडा और कटेकल्याण में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इन आंकड़ों से दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियों का पता चलता है। छिंदगढ़ में अन्य बताए गए स्थानों की तुलना में अधिक बारिश हुई। वहीं बाकी इलाकों में वर्षा की मात्रा कम रही। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की यही असमान स्थिति बनी हुई है, जहां कहीं बारिश हो रही है तो कहीं दिन में गर्मी महसूस की जा रही है।
रायपुर रहा सबसे गर्म, पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग के उपलब्ध आंकड़ों में राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रहा। दूसरी ओर, पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रायपुर और पेंड्रा रोड के ये आंकड़े अलग-अलग तापमान श्रेणियों के हैं। रायपुर का आंकड़ा दिन के अधिकतम तापमान का है, जबकि पेंड्रा रोड का आंकड़ा न्यूनतम तापमान का है। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में दिन और रात के मौसम में अंतर दिखाई देता है।
मानसून लौटने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
मानसून की वापसी के बाद भी समय-समय पर बनने वाले मौसमी सिस्टम बारिश की वजह बन रहे हैं। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका फैली हुई है।
इसी मौसमी स्थिति के बीच दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना बनी हुई है। मानसून की विदाई का अर्थ यह नहीं है कि उसके बाद वर्षा बिल्कुल नहीं होगी। क्षेत्र में बनने वाले सिस्टम के प्रभाव से बीच-बीच में बादल छाने और बारिश होने की स्थिति बन सकती है।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
रायपुर के लिए उपलब्ध पूर्वानुमान में अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र के 16 अक्टूबर को जारी अगले 24 घंटे के पूर्वानुमान में राजधानी का आकाश आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने की संभावना बताई गई थी।
ये अनुमानित तापमान हैं। इन्हें पहले से दर्ज तापमान नहीं माना जाना चाहिए। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ की बारिश की संभावना को सीधे रायपुर की स्थिति से जोड़ना भी सही नहीं होगा, क्योंकि दोनों क्षेत्रों का स्थानीय मौसम अलग रह सकता है।
गरज-चमक के दौरान बरतें सावधानी
बिजली कड़कने या बादलों की गड़गड़ाहट सुनाई देने पर किसी पक्के भवन के अंदर शरण लें। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली की लाइनों तथा धातु की संरचनाओं से दूर रहें। खुले में रखी कटी फसल और कृषि उपज को बारिश शुरू होने से पहले सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह भी मौसम विभाग ने दी है।
