नई दिल्ली:- बीपी और शुगर अब कम उम्र में ही देखने को मिल रहा हैं। बच्चों व युवाओं में भी पाचन और कब्ज की समस्या आ रही है। इसका मुख्य कारण गलत खान-पान व सफेद चीनी (वाइट शुगर) का अधिक उपयोग है, जो हमारे पाचन तंत्र को प्रभावित करता है।
चीनी की जगह गुड़ या शहद का उपयोग करें। इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी (शारीरिक व्यायाम) कम होना और स्क्रीन टाइम (मोबाइल/टीवी का उपयोग) बढ़ना भी इसके प्रमुख कारण हैं, जिससे स्ट्रेस बढ़ता है और बीपी, शुगर, डाइजेशन सब प्रभावित होता है।
चिकित्सालय में कार्यरत जनरल फिजिशियन प्रिया खंडेलवाल (एमबीबीएस) ने पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए आवश्यक परामर्श दिया डाॅ. खंडेलवाल ने बताया कि बारिश का दौर थमने और शीत ऋतु की शुरुआत के साथ ही मौसमी बुखार का प्रभाव तेजी से देखने को मिल रहा है।
तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बुखार, मलेरिया और सर्दी-जुकाम सहित अन्य बीमारियों के रोगी बढ़ रहे हैं।इससे बचने सबसे जरूरी ‘हाइड्रेशन’ (पानी की पर्याप्त मात्रा) है। साफ और शुद्ध पानी पिएं, अच्छी नींद लें और बाहर का खाना खाने से बचें। घर का सादा भोजन करें, इससे वायरल की संभवना कम होगी।
