छत्तीसगढ़:- लोक कलाकार छत्तीसगढ़ की परंपराओं को मंच पर जीवंत करेंगे, तो कहीं शिल्पकारों का हुनर और बस्तर के पर्यटन स्थलों के मॉडल दर्शकों को आकर्षित करेंगे। राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे होने पर नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित राज्योत्सव में संस्कृति, विकास और रोजगार की संभावनाओं की झलक एक साथ देखने को मिलेगी।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में होने वाले आयोजन की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। इसके माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसरों को प्रमुखता दी जाएगी।
तीन दिन अलग-अलग अतिथियों की मौजूदगी, जिलों में भी मनेगा उत्सव
राज्योत्सव के पहले दिन 1 नवंबर को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। दूसरे दिन 2 नवंबर को राज्यपाल रमेन डेका कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 नवंबर के समापन समारोह के मुख्य अतिथि रहेंगे।
राजधानी के आयोजन के साथ प्रदेश के जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव के कार्यक्रम होंगे। स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनियों के जरिए राज्य स्थापना का उत्सव मनाया जाएगा।
स्टॉलों में योजनाओं की जानकारी, शिल्पग्राम में दिखेगा कारीगरों का हुनर
आयोजन स्थल पर विभिन्न विभागों के लगभग 30 और अन्य संस्थानों के 15 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां दर्शक सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी लेने के साथ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान से भी परिचित हो सकेंगे।
छत्तीसगढ़ी आभूषण, मंदिरों की कलात्मक झलकियां और लोककला प्रदर्शनियों का हिस्सा रहेंगी। शिल्पग्राम में ढोकरा यानी बेलमेटल कला और सजावटी कलाकृतियों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों की कला सामने आएगी। राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ भारतीय वायुसेना की सारंग टीम का एयर शो भी राज्योत्सव के आकर्षणों में शामिल है।
बस्तर के पर्यटन और आजीविका की संभावनाओं पर विशेष प्रदर्शनी
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी ‘बदलता बस्तर-संवरता छत्तीसगढ़’ विषय पर केंद्रित रहेगी। इसमें पर्यटन, स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक धरोहरों और संरक्षण कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।
कांगेर घाटी की गुफाओं और जंगल सफारी, कोण्डागांव की पुष्पाल घाटी में स्टार गेजिंग, इंद्रावती टाइगर रिजर्व के मट्टीमरका तथा सुकमा के तुंगल डैम की झलक मॉडल के जरिए दिखाई जाएगी।
धुड़मारास के धुरवा होमस्टे और देवगुड़ियों के संरक्षण से जुड़ी पहल भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगी। इनके माध्यम से यह दिखाया जाएगा कि स्थानीय संस्कृति को सहेजते हुए पर्यटन से आजीविका के अवसर किस तरह विकसित किए जा रहे हैं।
वन्यजीवों और प्रदेश की प्राकृतिक पहचान से होंगे परिचित
प्रदर्शनी में बारनवापारा में काले हिरण की वापसी, औरापानी में गिद्ध संरक्षण तथा प्रदेश के पहले रामसर स्थल कोपरा जलाशय को भी स्थान दिया गया है।
इसके अलावा राजकीय पशु वन भैंसा, राजकीय वृक्ष साल और राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना के बारे में जानकारी मिलेगी। राजकीय तितली बनाए जाने के लिए अनुमोदित ऑरेंज ओकलीफ से भी दर्शकों को परिचित कराया जाएगा। इस तरह राज्योत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ छत्तीसगढ़ की जैव-विविधता को समझने का अवसर भी मिलेगा।
Chhattisgarh Rajyotsav 2026: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर में आयोजन, जानें खास आकर्षण
