भोपाल, 9 मार्च । मध्यप्रदेश विधानसभा में आज वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि सरकार इस बजट में कोई नया कर नहीं लगाने जा रही है, साथ ही अलग से एक चाइल्ड बजट प्रस्तुत कर रही है।
विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच करीब डेढ़ घंटे के अपने बजट संबोधन में श्री देवड़ा ने बताया कि ये बजट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प का बजट है। राज्य मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में कई अहम लक्ष्य हासिल कर रहा है।
उन्होंने बताया कि बजट में कोई नया कर नहीं लगाया जा रहा। साथ ही किसी भी कर की दर बढ़ाने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। महंगाई भत्ते की वर्तमान दर 20 फीसदी से बढ़ाकर 31 फीसदी की जा रही है। सरकार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए अलग से चाइल्ड बजट प्रस्तुत कर रही है। इस बजट से इस उम्र के नागरिकाें पर केंद्रित योजनाओं को कारगर बनाने में सुविधा होगी।
बजट में राज्य सरकार लाडली लक्ष्मी योजना का भी विस्तार करने जा रही है। इसके तहत अब छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए भी सहायता दी जाएगी।
मध्यप्रदेश सरकार की हर घर पेयजल पहुंचाने की कोशिश पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि बुरहानपुर के एक गांव में जल जीवन मिशन के तहत सौ फीसदी घरों में पानी पहुंचा रहे हैं।
प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए ‘जनजाति विकास निगम’ का प्रावधान रखा गया है। इसके माध्यम से जनजातीय वर्ग के युवाओं के रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
किसान कल्याण को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए श्री देवड़ा ने कहा कि कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना सरकार की लगातार कोशिश है। कई फसलों को जीआई टैग भी दिला रहे हैं। राज्य में दूध उत्पादन लगातार बढ़ाया जा रहा, साथ ही गो संवर्धन के लिए नई योजनाएं भी ला रहे हैं।
सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने 13 हजार शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रही है। राज्य के विकास को बल देने के लिए 11 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आर्थिक सहायता की नवीन योजनाएं भी प्रस्तावित हैं। सिंगरौली में माइनिंग विधा का इंजीनियरिंग कॉलेज प्रस्तावित है।
मध्यप्रदेश में अब शासकीय महाविद्यालयों में वर्चुअल लर्निंग शुरु करने के प्रयास शुरु किए जाएंगे। राज्य में जल्द ही 22 चिकित्सा महाविद्यालय सेवा देंगे। इसके तहत कॉलेजों में सीटें भी बढ़ाई जाएंगी।