
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग से क्रूड ऑयल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। घरेलू गैस की कीमत में इजाफे की खबर लगा आ रही है। इस बीच लगातार यह चर्चा बनी है कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 1000 तक पहुंच सकती है। रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि रसोई गैस सब्सिडी को लेकर मोदी सरकार का नया प्लान तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार एक बार फिर से चुनिंदा ग्राहकों के लिए सब्सिडी शुरू करने जा रही है। हालांकि अभी तक इसके बारे में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सरकार के पास दो विकल्प
मीडिया में चर्चा है कि रसोई गैस सिलेंडर की भारी कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है। खबरों के अनुसार, केंद्र सरकार रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी देने का विचार कर ही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने सब्सिडी के मुद्दे पर कई बार चर्चा की है लेकिन अभी तक कोई योजना नहीं बनाई है। खबरों के अनुसार, सरकार के पास दो विकल्प है। पहला बिना सब्सिडी के सिलेंडर सप्लाई करे। दूसरा, कुछ ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ दिया जाए।
इन लोगों मिलेगा सब्सिडी का लाभ
रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी देने के बारे में सरकार की तरफ से अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, 10 लाख रुपए इनकम के नियम को लागू रखा जाएगा। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। बता दें कि बाकी लोगों के लिए सब्सिडी खत्म हो सकती है।
29 करोड़ से अधिक के पास एलपीजी कनेकशन
बता दें कि उज्ज्वला योजना योजना 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। भारत में लगभग 29 करोड़ से अधिक के पास एलपीजी कनेक्शन हैं, इसमें उज्जवला योजना के तहत करीब 8.8 एलपीजी कनेक्शन हैं। FY22 में, सरकार योजना के तहत एक और एक करोड़ कनेक्शन जोड़ने की योजना बना रही है।
सब्सिडी पर सरकार का कितना खर्च
रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी पर केंद्र सरकार का खर्च वित्तीय वर्ष 2021 के दौरान 3,559 रुपए रहा। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2020 में यह खर्च 24,468 करोड़ रुपये का था। दरअसल डीबीटी स्कीम के तहत है जिसकी शुरुआत जनवरी 2015 में की गई थी। सरकार की तरफ से सब्सिडी का पैसा ग्राहक के बैंक खाते में रिफंड कर दिया जाता है।