
रिपोर्ट : रमाकांत सोनी
भोपाल मध्य प्रदेश/ नवीन एक हजार किमी से अधिक लंबाई के 17 राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) नए सिरे से तैयार किए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए नई कार्य योजना तैयार की है। इसमें 15 साल तक निर्माण एजेंसी ही सड़क का संधारण (रख रखाव सुधार) कार्य करेगी। राज्य सड़क विकास निगम को इन सड़कों पर टोल टैक्स लगाने का अधिकार रहेगा। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस द्वारा की गई लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी है। अब इसे कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाना शेष है।
विभागीय मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है
कि प्रदेश में सड़क नेटवर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे ओवर ब्रिज, फ्लाई ओवर आदि के लिए काफी सहायता मिल रही है। राज्य सरकार भी अपने बजट और अन्य माध्यमों से वित्तीय संसाधन जुटाकर काम कर रही है।
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि ऐसी सड़कें, जिन्हें नए सिरे से बनाने की जरूरत है, उन्हें चिन्हित किया गया है। इन 17 राज्य मार्ग को टू लेन बनाया जाएगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कराए जा रहे हैं, जो दिसंबर 2022 तक पूरे हो जाएंगे। मार्च, 2023 तक निविदा प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। दो साल में निर्माण कार्य पूरा होगा।
ये राज्य मार्ग होंगे शामिल
सड़क– किमी — अनुमानित लागत (करोड़ रुपये में)
मनासा-रामपुरा-झालावाड़-116–406,पिछौर-इंदरगढ़-09–32, बिछिया -समनापुर-डिंडौरी-53–186, सीधी -ब्योहारी–71–250, विदिशा- अहमदपुर 21–72, बुधनी- इटारसी- 35–123, नर्मदा पुर-टिमरनी-72– 253, पथरिया -केरबना -15–53, बंडा -केरबना- बटियागढ़- 51–180, बालवाड़ी- गंधवानी- देहरी -09–32, सोनकच्छ -गंधर्वपुरी -12–41, कटनी बरही -मानपुर- जयसिंह नगर- 12–41, नीमच -सिंगोली -90–315, बदनावर -थांदला- हरिनगर-90–315, रतलाम -झाबुआ -105–368, मनावर- खलघाट -कुक्षी -82–287, इंदौर -देपालपुर -इंगोलिया -80–280,