नारायणपुर: – मोदी की सादगी, बचत और भारतीय परंपराओं को अपनाने की अपील का असर अब छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में देखने को मिला है। जिले के डूमरतराई गांव में एक अनोखी बारात पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई, जहां दूल्हा आधुनिक वाहनों की बजाय बैलगाड़ी में बारात लेकर पहुंचा। जानकारी के मुताबिक, डूमरतराई गांव निवासी और नारायणपुर पुलिस विभाग में SP गनमैन के पद पर तैनात कुबेर देहरी ने अपनी शादी को खास और यादगार बनाने के लिए पारंपरिक तरीके को चुना। उन्होंने डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की जगह बैलगाड़ी से बारात निकालकर समाज को सादगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सादगी और संस्कृति का दिया संदेश
कुबेर देहरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और गांव की परंपराएं हमारी असली पहचान हैं। आधुनिकता के दौर में लोग अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं को सहेजकर रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की बातों को गंभीरता से अपनाने की जरूरत है, खासकर ऐसे समय में जब ईंधन की बचत और संसाधनों का सही उपयोग बेहद जरूरी हो गया है।
लोगों के बीच बनी चर्चा का विषय
बैलगाड़ी में निकली यह बारात गांव और आसपास के क्षेत्रों में आकर्षण का केंद्र बनी रही। ग्रामीणों ने इस पहल की जमकर सराहना की। कई लोगों ने इसे दिखावे और फिजूलखर्ची के दौर में एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
मंत्री केदार कश्यप ने की तारीफ
Kedar Kashyap ने भी इस पहल की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर इसे भारतीय संस्कृति, सादगी और सामाजिक जागरूकता का शानदार उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं।
इलाके में मिसाल बनी बैलगाड़ी वाली बारात
नारायणपुर की यह अनोखी बारात अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे भारतीय परंपरा, पर्यावरण संरक्षण और सादगी का बेहतरीन मेल मान रहे हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले इसी तरह की बारातें निकाली जाती थीं और अब एक बार फिर पुरानी संस्कृति की झलक देखने को मिली है।
