मध्य प्रदेश की सरकार ने कर्मचारियों के लिए लिया बड़ा फैसला लिया है.मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने कर्मचारियों को वेतन देने के मामले में प्रोबेशन पीरियड के रूल्स में बदलाव किया है. इसके तहत अब नई नियुक्ति वाले कर्मचारियों को अब पूरा वेतन मिलेगा. सरकार ने प्रोबेशन पीरियड के रूल्स में बदलाव कर दिया है. नए नियम के तहत अब कर्मचारियों के खाते में सैलरी आएगी.
इस फैसले के बाद अब राज्य के कर्मचारियों को पूरा वेतन उस तारीख से मिलेगा जब उनकी नियुक्ति हुई थी. एमपी में पिछले 3 वर्षों में 5,000 से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है, लेकिन उनको पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा है और अब नए नियमों से 100% सैलरी मिलेगी.
हालांकि इससे पहले 2019 में कमलनाथ की तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार ने प्रोबेशन पीरियड को बढ़ाया था. जिसके अनुसार पहले वर्ष में, कर्मचारियों को 70 प्रतिशत (मिनिमम पेस्केल का) वजीफा मिलेगा, जो दूसरे वर्ष में 80 प्रतिशत और तीसरे वर्ष में 90 प्रतिशत हो जाएगा और कर्मचारियों को उनकी सर्विस के चौथे वर्ष से पूरा वेतन मिलेगा.
अब बात करते हैं कि क्या होता है प्रोबेशन पीरियड? प्रोबेशन पीरियड एक एक खास अवधि है, जिसके बाद ही किसी कर्मचारियों को उनकी पूरी सैलरी मिलती है. जैसे अगर कोई कर्मचारी का प्रोबेशन पीरियड 2 साल का है तो जैसे ही उसकी जॉब लगेगी यानी नियुक्ति तभी से उसे सैलरी मिलना शुरू हो जाएगी,लेकिन उसकी पूरी सैलरी उसको तब मिलेगी, जब उसका प्रोबेशन पीरियड पूरा हो जाएगा.
मतलब नौकरी करने वाले व्यक्ति को 2 साल बाद उसकी फुल सैलरी सरकार द्वारा दी जाएगी.सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों को बड़ा फायदा होगा.
अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 40 हजार रुपये है और उसका प्रोबेशन पीरियड 4 साल का तो पहले साल में उसको 28 हजार रुपये सैलरी, दूसरे साल में 32 हजार रुपये सैलरी, तीसरे साल में 36 हजार रुपये सैलरी और चौथे साल में उसको 40 हजार रुपये सैलरी मिलेगी. यानी अब कर्मचारियों के खाते में बड़ी रकम एगी.