लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन यानी कि एलआईसी ग्राहकों के लिए कई तरह की पॉलिसी चलाती है. इसमें जीवन बीमा के प्लान तो हैं ही, पेंशन प्लान की भी एक पूरी लिस्ट है. इसी में एक है एलआईसी सरल पेंशन प्लान. यह प्लान परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए बेहद कारगर है, खासकर तब के लिए जब आप रिटायर हो जाएं. एलआईसी सरल प्लान ऐसी पॉलिसी हैं जिसमें ग्राहक को अपने हिसाब से पेंशन अमाउंट और प्रीमियम की रकम चुनने की आजादी मिलती है. 40 से 80 साल के लोग इस प्लान को खरीद सकते हैं
.एलआईसी सरल पेंशन स्कीम केवल एक प्रीमियम का भुगतान करके हर महीने 12,000 रुपये पेंशन देती है. कोई पॉलिसीधारक इस योजना के तहत मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना पेंशन का विकल्प चुन सकता है. पेंशन तब मिलेगी जब पॉलिसीधारक या नॉमिनी 60 साल का हो जाएगा. पेंशन तभी शुरू होती है जब कोई व्यक्ति साल में कम से कम 12,000 रुपये जमा के साथ पॉलिसी खरीदता है. प्लान में पैसे जमा करने की कोई अधिकतम सीमा नहीं है. यदि व्यक्ति 10 लाख रुपये का सिंगल प्रीमियम जमा करता है, तो उसे हर साल 52,500 रुपये की पेंशन मिलेगी.
एलआईसी सरल पेंशन स्कीम केवल एक प्रीमियम का भुगतान करके हर महीने 12,000 रुपये पेंशन देती है. कोई पॉलिसीधारक इस योजना के तहत मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना पेंशन का विकल्प चुन सकता है. पेंशन तब मिलेगी जब पॉलिसीधारक या नॉमिनी 60 साल का हो जाएगा. पेंशन तभी शुरू होती है जब कोई व्यक्ति साल में कम से कम 12,000 रुपये जमा के साथ पॉलिसी खरीदता है. प्लान में पैसे जमा करने की कोई अधिकतम सीमा नहीं है. यदि व्यक्ति 10 लाख रुपये का सिंगल प्रीमियम जमा करता है, तो उसे हर साल 52,500 रुपये की पेंशन मिलेगी.एलआईसी सरल पेंशन प्लान को अपने बैंक खाते से जोड़ सकते हैं. इससे आपको प्रीमियम जमा करने की टेंशन नहीं होगी. हर महीने आपकी सैलरी से सरल पेंशन प्लान का पैसा कट जाया करेगा.
हर महीने या जिस तरह से आपने प्रीमियम का चयन किया होगा, उस हिसाब से खाते से पैसा कट जाया करेगा. यह प्लान खुद के लिए या अपनी पत्नी के साथ भी खरीदा जा सकता है. खुद के प्लान में पॉलिसीहोल्डर को जीवनभर पेंशन मिलती है जबकि उसकी मृत्यु के बाद नॉमिनी को प्रीमियम दिया जाता है. जॉइंट प्लान लिया गया हो तो पति के बाद पत्नी को पेंशन दी जाती है.एलआईसी सरल पेंशन प्लान को अपने बैंक खाते से जोड़ सकते हैं. इससे आपको प्रीमियम जमा करने की टेंशन नहीं होगी. हर महीने आपकी सैलरी से सरल पेंशन प्लान का पैसा कट जाया करेगा. हर महीने या जिस तरह से आपने प्रीमियम का चयन किया होगा, उस हिसाब से खाते से पैसा कट जाया करेगा. यह प्लान खुद के लिए या अपनी पत्नी के साथ भी खरीदा जा सकता है. खुद के प्लान में पॉलिसीहोल्डर को जीवनभर पेंशन मिलती है जबकि उसकी मृत्यु के बाद नॉमिनी को प्रीमियम दिया जाता है. जॉइंट प्लान लिया गया हो तो पति के बाद पत्नी को पेंशन दी जाती है.
पॉलिसी खरीदार को पते के प्रमाण और अन्य केवाईसी दस्तावेजों के साथ सटीक मेडिकल रिकॉर्ड के साथ एक आवेदन पत्र भरना होता है. साथ ही, बीमित राशि और व्यक्ति की उम्र के आधार पर कुछ खास मामलों में मेडिकल रिपोर्ट की आवश्यकता हो सकती है. अगर कोई गंभीर बीमारी है और जमाकर्ता को इंमरजेंसी में ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ जाए तो वह सरल पेंशन प्लान में जमा पैसे को वापस ले सकता है. प्लान में कुछ बीमारियों की लिस्ट दी गई है जिसके लिए पॉलिसी को सरेंडर कर पैसे ले सकते हैं. योजना पर लोन भी ले सकते हैं. सरल पेंशन प्लान शुरू होने के 6 महीने के बाद लोन ले सकते हैं.पॉलिसी खरीदार को पते के प्रमाण और अन्य केवाईसी दस्तावेजों के साथ सटीक मेडिकल रिकॉर्ड के साथ एक आवेदन पत्र भरना होता है. साथ ही, बीमित राशि और व्यक्ति की उम्र के आधार पर कुछ खास मामलों में मेडिकल रिपोर्ट की आवश्यकता हो सकती है.
अगर कोई गंभीर बीमारी है और जमाकर्ता को इंमरजेंसी में ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ जाए तो वह सरल पेंशन प्लान में जमा पैसे को वापस ले सकता है. प्लान में कुछ बीमारियों की लिस्ट दी गई है जिसके लिए पॉलिसी को सरेंडर कर पैसे ले सकते हैं. योजना पर लोन भी ले सकते हैं. सरल पेंशन प्लान शुरू होने के 6 महीने के बाद लोन ले सकते हैं.
सरकारी बीमा नियामक संस्था इरडा ने पिछले साल 1 अप्रैल से सभी बीमा कंपनियों को सरल पेंशन प्लान शुरू करने की इजाजत दी थी. लगभग सभी बीमा कंपनियों ने 1 अप्रैल से इस पेंशन प्लान को अनिवार्य तौर पर शुरू भी कर दिया है. सरल पेंशन प्लान के तहत जमाकर्ता को मैच्योरिटी का लाभ नहीं मिलता. हालांकि जितने रुपये की पॉलिसी खरीदी जाती है, उतना पैसा वापस मिल जाता है. साथ ही यह स्कीम पूरी जिंदगी जमाकर्ता को पेंशन देती है. सरल पेंशन प्लान का रेट कंपनियां अपने हिसाब से तय कर सकती हैं. लेकिन स्कीम का नाम सरल पेंशन योजना ही रखना है.
सरकारी बीमा नियामक संस्था इरडा ने पिछले साल 1 अप्रैल से सभी बीमा कंपनियों को सरल पेंशन प्लान शुरू करने की इजाजत दी थी. लगभग सभी बीमा कंपनियों ने 1 अप्रैल से इस पेंशन प्लान को अनिवार्य तौर पर शुरू भी कर दिया है. सरल पेंशन प्लान के तहत जमाकर्ता को मैच्योरिटी का लाभ नहीं मिलता. हालांकि जितने रुपये की पॉलिसी खरीदी जाती है, उतना पैसा वापस मिल जाता है. साथ ही यह स्कीम पूरी जिंदगी जमाकर्ता को पेंशन देती है. सरल पेंशन प्लान का रेट कंपनियां अपने हिसाब से तय कर सकती हैं. लेकिन स्कीम का नाम सरल पेंशन योजना ही रखना है.