नई दिल्ली:– सुपरस्टार से राजनेता बने ‘थलपति’ विजय अब तमिलनाडु की कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें सरकार बनाने का औपचारिक न्यौता दे दिया है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अभिनय की दुनिया का यह बादशाह प्रशासन की पिच पर कैसा प्रदर्शन करता है।
विजय सीएम पद की शपथ लेने के बाद कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां अपने पास रख सकते हैं। बताया जा रहा है कि विजय कई मसलों पर अहम फैसले भी लेंगे। विजय अपने पास पुलिस की कमान भी रखने के प्लान में हैं।
थलपति के हाथों में होगी सुरक्षा और पुलिस की कमान
टीवीके के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने अपनी नई पारी के लिए बहुत ही सधी हुई रणनीति बनाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही विजय राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी अपने पास ही रखेंगे।
इनमें गृह विभाग, पुलिस और सामान्य प्रशासन जैसे अहम पोर्टफोलियो शामिल हैं। एक मुख्यमंत्री के तौर पर इन विभागों को अपने पास रखना इस बात का संकेत है कि विजय राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बेहद गंभीर हैं। वे जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि सुरक्षा और सुशासन उनकी पहली प्राथमिकता है। प्रशासनिक गलियारों में भी इस बात की चर्चा तेज है कि सुपरस्टार की कप्तानी में नौकरशाही का नया स्वरूप कैसा होगा।
कैबिनेट के पहले चरण में शामिल होंगे नौ दिग्गज चेहरे
विजय अकेले ही सत्ता की बागडोर नहीं संभालेंगे बल्कि उनके साथ पहले चरण में नौ मंत्रियों के नाम सामने आए हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों के विकास का जिम्मा उठाएंगे। वरिष्ठ नेता केए सेंगोट्टैयन को लोक निर्माण विभाग जैसा बड़ा मंत्रालय दिए जाने की उम्मीद है जबकि एन आनंद को नगर प्रशासन का कार्यभार सौंपा जा सकता है।
इसी तरह बिजली विभाग की कमान सीटीआर निर्मल कुमार के हाथों में जा सकती है। युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय आधव अर्जुन को खेल विकास विभाग का जिम्मा मिल सकता है। आदि द्रविड़ कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे विभागों के लिए भी अनुभवी चेहरों को आगे लाया जा रहा है।
बहुमत का जादुई आंकड़ा पार
तमिलनाडु चुनाव के नतीजों ने एक बेहद रोचक स्थिति पैदा कर दी थी। टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के रूप में तो उभरी, लेकिन वह अकेले बहुमत के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई थी। ऐसे में विजय को कांग्रेस, वामपंथी दलों और वीसीके जैसे साथियों का मजबूत समर्थन मिला जिससे गठबंधन के पास कुल एक सौ बीस विधायकों की शक्ति हो गई। यह संख्या बहुमत साबित करने के लिए काफी है और यही वजह है कि राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। इस गठबंधन सरकार में कांग्रेस को भी अहम जगह मिलने की चर्चा है जहां राजेश कुमार और विश्वनाथन जैसे नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
