छत्तीसगढ़ :– सरगुजा जिले के अंबिकापुर में एक बार फिर स्वास्थ्य क्षेत्र में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY), जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए बनी थी, उसी योजना में कथित बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। केडी अस्पताल (KD Hospital) समेत पांच निजी अस्पतालों पर फर्जी क्लेम दाखिल करने, अनियमितताओं और मरीजों से दोहरी वसूली के आरोप लगे हैं।
जानकार सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज करते हुए सरकार से भारी-भरकम क्लेम जमा किए, जबकि कई मामलों में मरीजों या उनके परिजनों से नकद पैसे भी वसूले गए। एक हालिया मामले में एक नामी अस्पताल (समान पैटर्न) पर आरोप लगा कि डॉक्टरों ने हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज बताकर एंजियोप्लास्टी और स्टेंट की सर्जरी की सलाह दी।
परिजनों से आयुष्मान कार्ड जमा कराया गया, लेकिन बाद में ‘कार्ड ब्लॉक’ होने का बहाना बनाकर 1.60 लाख रुपये नकद वसूले। बाद में जांच में पता चला कि अस्पताल ने उसी कार्ड से 1.50 लाख रुपये से ज्यादा का क्लेम भी सरकार से वसूल लिया! पीड़ित परिवार ने कोतवाली पुलिस में FIR दर्ज कराई है और जांच चल रही है।
क्या है पूरा खेल?
- फर्जी क्लेम: अस्पतालों ने ऐसे मरीजों के नाम पर बिल जमा किए जो वास्तव में भर्ती ही नहीं थे या जिनका इलाज न्यूनतम खर्च में हो सकता था।
- दोहरी वसूली: आयुष्मान कार्ड से सरकार का पैसा + मरीज से नकद।
- अन्य अस्पताल: केडी अस्पताल के अलावा अन्य निजी संस्थानों में भी इसी तरह की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर जांच दल गठित होने की खबर है।
यह मामला आयुष्मान भारत योजना की कमजोरियों को उजागर करता है, जहां निजी अस्पतालों की मिलीभगत से सरकारी फंड का दुरुपयोग हो रहा है। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में ऐसे घोटालों ने योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी देशभर में सैकड़ों अस्पतालों पर पेनल्टी लगाई जा चुकी है और कई को डी-एम्पैनल किया गया।
प्रशासन की भूमिका:
सरगुजा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अगर आरोप साबित हुए तो दोषी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, क्लेम रिकवर और लाइसेंस सस्पेंड करने की तैयारी है। गरीब मरीजों को न्याय दिलाने और योजना को भ्रष्टाचारमुक्त बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। यह खुलासा न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलता है, बल्कि सवाल उठाता है — क्या गरीबों का भरोसा फिर टूट जाएगा? नागरिकों को सलाह: आयुष्मान कार्ड इस्तेमाल करते समय सभी दस्तावेज रखें, बिल की डिटेल मांगें और किसी भी अनियमितता पर तुरंत शिकायत करें।
