नई दिल्ली :- हनुमान जयंती चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है.
23 अप्रैल के दिन चित्रा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग बन रहा है.हनुमान जयंती के दिन सुंदरकांड, बजरंग बाण का पाठ करें.रामभक्त हनुमान को संकटमोचन कहते है. अपने भक्तों को हनुमान जी हर भय, पीड़ा से मुक्त रखते हैं. दरअसल, हनुमान जी का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हुआ था. इसलिए हर साल चैत्र पूर्णिामा को हनुमान जयंती मनाई जाती है. बता दें कि इस साल हनुमान जयंती के मौके पर एक अध्दुत संयोग बन रहा है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी भगवान शिव के अवतार हैं और उन्होंने त्रेतायुग में प्रभु श्री राम की मदद के लिए यह अवतार लिया था. वैदिक पंचांग के मुताबिक इस साल चैत्र शुक्ल पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 23 अप्रैल को 03 बजकर 25 मिनट पर होगा.
माना जाता है कि जब हनुमान जी का जन्म हुआ था तो उस दिन मंगलवार था. इस साल भी हनुमान जयंती के दिन मंगलवार है. इसलिए मंगलवार को हनुमान जी का जन्म होने कि वजह से उस दिन ज्यादातर लोग व्रत रखते हैं और बजरंगबली की पूजा भी करते हैं. 23 अप्रैल के दिन चित्रा नक्षत्र और वज्र योग है. वज्र योग 23 अप्रैल की सुबह से लेकर 24 अप्रैल को सुबह 04 बजकर 57 मिनट तक है. वहीं चित्रा नक्षत्र भी सुबह से लेकर रात 10 बजकर 32 मिनट तक है, उसके बाद स्वाति नक्षत्र है.
हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त सुबह 04 बजकर 20 मिनट से 05 बजकर 04 मिनट तक ही रहेगी. वहीं इस साल अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक है. उस दिन आप हनुमान जी की पूजा सुबह 09 बजकर 03 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट के बीच कर सकते है. उस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक है. वहीं अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से दोपहर 01 बजकर 58 मिनट तक है.
हनुमान जी का दिल बहुत ही उदार हैं, इसलिए आपको हमेशा लोगों के लिए उदारता दिखानी चाहिए. खासतौर पर आपको हनुमान जयंती पर गरीबों में अन्न जरूर बांटना चाहिए.
हनुमान जी श्रीराम के परभक्त माने जाते हैं, इसलिए आपको हनुमान जयंती पर भगवान राम की स्तुति भी करनी चाहिए, इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं.
हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें बूंदी, लड्डू का प्रसाद जरूर चढ़ाएं. साथ ही हनुमान जयंती पर उन्हें केसरिया रंग का सिंदूर जरूर चढ़ाएं.
इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण का पाठ करने से हनुमान जी की कृपा हमेशा अपने भक्तों पर बरसती रहती है.
