नई दिल्ली:- प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद वहां हलचल बढ़ गई है। हाथरस के सादाबाद क्षेत्र के बारामई खेड़ा गांव निवासी 16 वर्षीय अनुज चौधरी करीब तीन महीने से लापता बताया जा रहा है। बेटे की तलाश में उसके माता-पिता, दादी, चार बहनों, चाचा और गांव के अन्य लोग शुक्रवार को वृंदावन पहुंचे और केली कुंज आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार का आरोप है कि अनुज वृंदावन में अपनी ननिहाल के पास पानीगांव आता-जाता था और इसी दौरान प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए केली कुंज पहुंचने लगा। परिजनों के मुताबिक, इसी दौरान उसने दीक्षा लेने की इच्छा जताई और करीब तीन महीने पहले दीक्षा ले ली। इसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटा।
परिवार का कहना है कि अनुज ने घर पर प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए जाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। काफी समय बीतने के बाद परिजनों ने आश्रम से संपर्क कर बेटे के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। जब उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली तो शुक्रवार को परिवार और ग्रामीण आश्रम पहुंच गए और बेटे को सामने लाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। परिजनों का कहना है कि जब तक अनुज उनके सामने नहीं आता, वे आश्रम से वापस नहीं जाएंगे।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी केली कुंज आश्रम पहुंची। सीओ वृंदावन संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे परिजनों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने परिवार से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद आश्रम के अंदर जाकर भी अनुज के संबंध में जानकारी जुटाई।
कुछ देर बाद आश्रम की ओर से एक साधक पुलिस के साथ बाहर आया और परिजनों से बातचीत की। साधक ने बताया कि आश्रम के सेवादारों के अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं और अनुज की तस्वीर इन ग्रुपों में साझा की गई है। साधक के मुताबिक, गुरु पूर्णिमा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिष्य आश्रम पहुंचे थे और अनुज को भी वहां बैठाया गया था। आश्रम की ओर से परिवार को संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाने की बात भी कही गई। साधक ने कहा कि आश्रम की ओर से अनुज की तलाश और मामले में परिवार की हर संभव मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, आश्रम की ओर से दी गई जानकारी के बावजूद परिवार संतुष्ट नहीं हुआ और धरना जारी रखा। अनुज की दादी मुन्नी का कहना है कि करीब तीन महीने पहले 25 तारीख को अनुज ने दीक्षा ली थी। इसके कुछ समय बाद उसने प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए केली कुंज जाने की बात कही थी, लेकिन वहां पहुंचने के बाद वह वापस घर नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि लंबे समय तक उन्हें अनुज के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा है कि उनका बेटा आखिर कहां है और किस स्थिति में है।
वहीं, सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि युवक के संबंध में हाथरस के सादाबाद क्षेत्र में मामला दर्ज है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आश्रम से जुड़े दीक्षा रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस आश्रम में उपलब्ध रिकॉर्ड और युवक से संबंधित जानकारी की जांच कर रही है। फिलहाल परिवार की मांग है कि उनके बेटे को जल्द से जल्द खोजकर उनके सामने लाया जाए। मामले में पुलिस की जांच के साथ-साथ आश्रम के रिकॉर्ड और उपलब्ध वीडियो फुटेज भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
