नई दिल्ली:– गणेश चतुर्थी के मौके पर आंध्र प्रदेश में जल्लोश का माहौल है और पंडाल सज रहे है। गणेश चतुर्थी के पावन मौके पर आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। राज्य के मानव संसाधन विकास मंत्री लोकेश नारा ने कहा है कि इस गणेश चतुर्थी पर प्रदेश भर के सभी गणेश पंडालों को मुफ्त बिजली दी जाएगी।
नारा लोकेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस गणेश चतुर्थी पर आंध्र प्रदेश के सभी गणेश पंडालों को मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। यह हमारी सरकार की एक बड़ी त्योहारी पहल है ताकि पूरे राज्य में उत्सव मना रहे समुदायों को सहयोग मिले और जश्न और भी जीवंत हो सके। भगवान गणेश हर परिवार को समृद्धि, खुशी और सफलता का आशीर्वाद दें।”
आंध्र में विनायक चविथि के नाम से मनाते है गणेश चतुर्थी
सरकार के इस फैसले से आयोजकों को बड़ी राहत मिलेगी और उत्सव की रौनक और बढ़ेगी। बता दें कि आंध्र प्रदेश में गणेश चतुर्थी को ‘विनायक चविथि’ के नाम से जाना जाता है और इसे पूरे पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
गणेश चतुर्थी 10 दिन तक चलने वाला हिंदू त्योहार है जो ज्ञान, समृद्धि और नई शुरुआत के देवता भगवान गणेश के जन्म का प्रतीक है। इस दौरान भक्त अपने घरों में मिट्टी से बनी गणेश जी की मूर्तियां लाते हैं या सामुदायिक मंचों, जिन्हें पंडाल कहा जाता है, पर उनकी स्थापना करते हैं।
मिट्टी और हल्दी से बनाई जाती है प्रतिमा
आंध्र प्रदेश में इसकी खास परंपरा है। यहां घरों में लोग मिट्टी से बनी प्रतिमा जिसे ‘मट्टी विनायकडु’ कहा जाता है और हल्दी से बनी प्रतिमा जिसे ‘सिद्धि विनायकडु’ कहते हैं, उसकी पूजा करते हैं।
राज्य के सभी शहरों के कोने-कोने और राज्य भर के शहरों-कस्बों में सामुदायिक पूजा के लिए भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं और सड़कों पर सुंदर पंडाल सजाए जाते हैं। रोजाना वैदिक मंत्रों, आरती और भोग के साथ पूजा की जाती है।
विशेष प्रसाद का लगाया जाता है भोग
भगवान को उनके प्रिय मोदक के साथ-साथ कुदुमु और अन्नादम जैसे विशेष प्रसाद का भोग लगाया जाता है। 10 दिन बाद धूमधाम से शोभायात्रा निकाली जाती है और मूर्ति को जल में विसर्जित किया जाता है, जो गणेश जी के कैलाश पर्वत लौटने का प्रतीक माना जाता है।
