जबलपुर। अजब एमपी के शिक्षा विभाग का एक और गज़ब कारनामा उजागर हुआ है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने इस साल एनसीईआरटी सिलेबस वाले स्कूलों के लिए भी एससीईआरटी यानि मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के सिलेबस से पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं करवाने का आदेश जारी कर दिया।
एनसीईआरटी सिलेबस से पढ़ाई करवाने वाले स्कूलों में जब बच्चों के लिए, बीच सत्र में दूसरे सिलेबस से बोर्ड परीक्षा देना मानसिक तनाव का सब बन रहा था तो कई स्कूलों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया। मामले में मध्यप्रदेश अशासकीय विद्यालय परिवार की याचिका पर हाईकोर्ट ने राहत भरा फैसला सुनाया है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता संस्था के सदस्य स्कूलों में एससीईआरटी सिलेबस से बोर्ड परीक्षाएं करवाने पर रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एक सिलेबस से पढ़ाई वाले स्कूल में दूसरे सिलेबस से बोर्ड परीक्षा करवाने के शिक्षा विभाग के आदेश को अवैध ठहरा दिया। मतलब साफ है कि मध्यप्रदेश अशासकीय विद्यालय परिवार संस्था के सदस्य स्कूलों में अब एससीईआरटी सिलेबस से पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं नहीं करवानी होंगी।
कोर्ट ने कहा कि अगर बोर्ड परीक्षा लेनी ही है तो याचिकाकर्ता स्कूलों में पढ़ाए जा रहे सिलेबस के आधार पर ही ली जाए। हालांकि हाईकोर्ट ने ये राहत सिर्फ याचिकाकर्ता यानि मध्यप्रदेश अशासकीय विद्यालय परिवार के सदस्य स्कूलों को दी है। संस्था के अध्यक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग से ये अपेक्षा जताई है कि वो प्रदेश के सभी स्कूलों को राहत दें और एनसीईआरटी सिलेबस वाले स्कूलों में दूसरे सिलेबस से बोर्ड परीक्षा लेने के आदेश को रद्द कर दें।