
दिल्ली। बदलते समय के साथ आज के युवा इंटरनेट की दुनिया में उलझे हुए है वही 16 साल की उम्र में चेन्नई के रामबाबू प्रज्ञानानंद शतरंज में चैंपियन मैग्नस कॉर्लसन को हराकर इतिहास रच दिया। जिस खिलाडी को पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद हरा नहीं पाए थे उसे प्रज्ञानानंद ने कर दिया। सोशल मिडिया लोग प्रदर्शन का जमकर तारीफ कर रहे है।एजेंसी से मिली जानकारी मुताबिक16 साल के रामबाबू प्रज्ञानानंद ने वर्ल्ड चैंपियन कॉर्लसन को चेजबल मास्टर्स के 5वें दौर हराया है।
यह भारतीय ग्रांड मास्टर प्रज्ञानानंद रमेशप्रभु की कॉर्लसन पर दूसरी जीत है। इससे पहले इस युवा खिलाड़ी ने फरवरी में खेले गए एयरथिंग्स मास्टर्स में विश्व चैंपियन कार्लसन को परास्त किया था।चेजबल मास्टर्स के पांचवें दौर में नार्वे के कार्लसन ने बड़ी गलती की और भारतीय स्टार ने इसका फायदा उठाते हुए उन्हें मात दे दी। पहले यह मुकाबला ड्रॉ की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन 40वें मूव में कार्लसन ने अपने काले घोड़े को गलत जगह रख दिया। फिर क्या था इस मूव के बाद भारतीय खिलाड़ी ने उन्हें वापसी का मौका नहीं दिया और अचानक ही उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी ने कहा, ‘मैं इस तरह से जीत हासिल नहीं करना चाहता हूं।
’इस जीत के साथ ही ऑनलाइन रैपिड चेस टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंद के नॉक आउट में पहुंचने की उम्मीदें बनी हुई हैं।