बरेली: अतीक का सजा के बाद भले ही अशरफ निदोर्ष करार दिया गया, लेकिन अब उसे मौत का खौफ सताने लगा है. उसे डर है कि पुलिस कभी भी जेल से बाहर ले जाकर एनकाउंटर कर सकती है. उसने ये बातें मीडिया से भी कही हैं.निकल गई माफियागीरी! अब कोर्ट पर ही भरोसा, भूख से बिलबिलाया अशरफ- प्लीज खाना दे भाईमाफिया अतीक का भाई अशरफबरेली: उमेश पाल अपहरण केस में पेशी के बाद बरेली जेल वापस लौटे माफिया डॉन अतीक अहमद के भाई अशरफ को मौत का खौफ सताने लगा है.
उसे ऐसा लग रहा है कि अगले दो सप्ताह के अंदर पुलिस वाले उसे बहाने से बाहर ले जाएंगे और उसे गोली मार दिया जाएगा. यह बात उसने खुद मीडिया से कही. बताया कि पुलिस अधिकारियों ने ही उसे इस तरह की धमकी दी है. प्रयागराज से बरेली पहुंचे अशरफ ने जेल पहुंचते ही कहा कि उसे बहुत तेज भूख लगी है. उसने जेल कर्मियों से गुहार लगाई कि कुछ खाने को दें. मंगलवार की देर रात ही प्रयागराज से भारी सुरक्षा के बीच अशरफ को बरेली जेल पहुंचा दिया गया. यहां उसने मीडियो से भी बात की. कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उसकी हत्या की योजना बना रखी है.
उसे धमकी भी दी गई है कि अगले दो सप्ताह के अंदर उसे जेल से बाहर ले जाया जाएगा और विकास दुबे की तरह से ही उसका भी एनकाउंटर कर दिया जाएगा. इस मौके पर उसने कहा कि वह निर्दोष है, लेकिन पुलिस ने जबरन और झूठे केस में फंसाया है.अशरफ ने मीडिया से बात करते हुए कहा उसका दर्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पता है और वह खुद इस तरह के उत्पीड़न से गुजर चुके हैं. उनके खिलाफ भी फर्जी मुकदमे दर्ज हुए थे. उसने उम्मीद जताई कि ऐसे हालात में मुख्यमंत्री की उसे सिंपैथी मिलेगी. इसी क्रम में उसने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर कहा कि उसे कोर्ट से न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है और वह जल्द ही हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेगा.
इससे पहले भी अशरफ ने जान का खतरा जताया था. उसने कोर्ट में एक अर्जी भी लगाई थी कि पेशी के लिए उसे जेल से बाहर ना ले जाया जाए, इसके लिए उसने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी की गुहार लगाई थी. हालांकि कोर्ट ने उसकी खारिज कर दिया था. इसी के साथ पेशी के दौरान उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.कोर्ट से लौटते समय हुई थी उमेश की हत्याउल्लेखनीय है कि अशरफ के खिलाफ 52 मुकदमे दर्ज हैं. इसमें बसपा विधायक राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या की साजिश में शामिल होने का मामला शामिल है.
बता दें कि बीते 26 फरवरी को राजूपाल हत्याकांड में गवाही थी. उमेश पाल अदालत में अपनी गवाही देकर घर लौट रहा था, जैसे ही वह अपने घर के पास पहुंचा, बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी. दावा किया जा रहा है कि इस वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने बरेली जेल में अशरफ से मुलाकात की थी.