रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय राज्य के कथित शराब घोटाले में उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है। हेलीपैड पर संवाददाताओं से बातचीत में बघेल ने एक बार फिर कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एजेंट के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ”अभी तक हमलोगों ने बताया था कि ईडी भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रही है वह सही साबित हुआ है। झूठे केस बनाकर लोगों को डरा-धमका कर कथित आबकारी घोटाले में मेरा नाम डालने की कोशिश कर रहे हैं
बघेल ने कहा, ”भारतीय जनता पार्टी यहां टिक नहीं पा रही है तो ईडी का अपने अधीनस्थ संगठन की तरह दुरुपयोग कर रही है।” मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि अगर डिस्टिलरों ने यहस्वीकार किया कि वे उत्पाद शुल्क दिए बगैर शराब बेच रहे हैं तो ईडी उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने कहा, ”ईडी मीडिया ट्रायल के तहत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रही है और उसमें यह भी कहा गया है कि डिस्टलर आबकारी शुल्क का भुगतान किए बगैर शराब बेच रहा है। अब सवाल यह उठता है कि बिना आबकारी शुल्क भरे यदि शराब बेच रहा है, तो क्या वह अपराधी गवाह बनेगा। सवाल यह भी है कि उनके खिलाफ
मुख्यमंत्री ने कहा, ”जिस प्रकार से मीडिया ट्रायल में जो बातें आई हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए। उनको कुछ कर नहीं रहे हैं। दूसरे लोगों को पकड़ रहे हैं। इसका मतलब यह है कि ईडी और डिस्टलरों के बीच या फिर डिस्टिलरों और भाजपा के बीच सांठगांठ हो चुकी है।” बघेल ने कहा कि उपरोत तथ्य को संज्ञान में लेकर ही राज्य का एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यवाही करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमारे राज्य में ईडी के अधिकारी पुलिस की तरह विवेचना कर रहे हैं। ईडी का यह कार्य संघीय ढांचे के मूल भावना के विपरीत है। ईडी के अधिकारियों द्वारा की गई समस्त अवैधानिक कार्यवाही को लेकर हम विधि विशेषज्ञों से सलाह मशविरा कर रहे