नई दिल्ली:– पश्चिम बंगाल के लोगों को लिए मोदी सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पश्चिम बंगाल के लिए बुलेट ट्रेन का पीएम मोदी ने संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन दिल्ली, लखनऊ, वारणसी और पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगी। दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंचने महज 6 घंटे लगेंगे। रेल मंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन में आप आराम से बैठकर 6 घंटे में पहुंच जाएंगे। ये आने वाले वक्त में हम करके दिखाएंगे।
लोगों को मिलेगी राहत
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पश्चिम बंगाल के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सिलिगुड़ी से दिल्ली आने-जाने में महज 6 घंटे लगेंगे। ये प्रोजेक्ट कब शुरू होगा और कब तक पूरा किया जाएगा, अभी इस बात की जानकारी नहीं दी गई है। रेल मंत्री के ऐलान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट को शुरू कर दिया जाएगा।
चिकेन नेक’ के लिए बनेगा गेम-चेंजर
रेल मंत्री के ऐलान के बाद कुछ लोगों के मन में यह सवाल होगा कि बुलेट ट्रेन की घोषणा सिलीगुड़ी के लिए ही क्यों की गई। इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में पश्चिम बंगाल की राजधानी और राज्य के सबसे बड़े शहर कोलकाता को क्यों शामिल नहीं किया गया। इसके पीछे का कारण है इलाके की भौगोलिक स्थिति, रणनीति और आर्थिक विकास। ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) पर बसा सिलीगुड़ी हमारे लिए एक अहम ट्रांज़िट पॉइंट है और ये देश का पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ने वाला एकमात्र जमीनी रास्ता है।
बता दें कि पूर्वोत्तर जाने वाले सभी सड़क और रेल मार्ग जमीन के इसी संकरे क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। इस हाई-स्पीड रेल लाइन को आगे चलकर असम की राजधानी गुवाहाटी तक बढ़ाने की भी योजना है। इससे मुख्य भारत और पूर्वोत्तर के ‘अष्ट लक्ष्मी’ राज्यों के बीच सीधे संपर्क और बेहतर तरीके से होगा।
डंकुनी से सूरत तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड
पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक प्रस्तावित माल ढुलाई गलियारे का ज़िक्र करते हुए रेल मत्री ने कहा कि 2,052 किलोमीटर लंबे इस रूट को भारत के पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक केंद्रों के बीच लॉजिस्टिक्स और व्यापार की क्षमता को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल को इस बार 14,205 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटन दिया गया है, जिससे यात्री और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
