भारत की प्रमुख तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बुधवार को घर के अंदर इस्तेमाल किया जाने वाला सौर चूल्हा पेश किया, जिसे रिचार्ज किया जा सकता है। सौर ऊर्जा से चलने वाले इस चूल्हे को रसोई घर में रखकर उपयोग में लाया जा सकता है। इस चूल्हे को खरीदने की लागत के अलावा रख-रखाव पर कोई खर्च नहीं है और इसे जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। अर्थात इस सौर चूल्हे के लिए न तो ईंधन की जरूरत है और ना ही लकड़ी की। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने आधिकारिक आवास पर एक कार्यक्रम की मेजबानी की, जहां इस चूल्हे पर पका खाना परोसा गया।
बात अगर इस सोलर चूल्हे की करें, तो सरकार की तरफ से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने इस सोलर चूल्हे को लॉन्च किया है, जो सौर ऊर्जा से चलेगा यानी इसके लिए गैस नहीं बल्कि सूरज की किरणें चाहिए जिससे ये चार्ज होगा।
दरअसल, इस चूल्हे का नाम ‘नूतन चूल्हा’ रखा गया है और सबसे खास बात ये कि ये रिचार्जेबल है। अपने दिल्ली स्थित आवास पर ऑयल मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने इसे लॉन्च किया था, और इस दौरान इसी चूल्हे पर तीन टाइम का खाना पकाया और परोसा भी गया। इस चूल्हे की लाइफ 10 साल बताई गई है।
ये है काम करने का तरीका:
आपको इस सोलर चूल्हे को अपने किचन में रखना है। ये चूल्हा एक केबल तार के जरिए सोलर प्लेट से जुड़ा हुआ है और ये सोलर प्लेट छत पर रखी जाती है। फिर इस सोलर प्लेट से ऊर्जा पैदा होती है और केबल के जरिए चूल्हे तक पहुंचती है। इसके बाद आप इस पर खाना बना सकते हैं।
इस सोलर चूल्हे की टेस्टिंग पूरी हो गई है और अब इसकी कमर्शियल लॉन्चिंग है। वहीं, इसकी कीमत 18 से 30 हजार रुपये के आसपास होगी। हालांकि, सरकार इस पर सब्सिडी देकर इनकी कीमतें कम कर सकती है। जब 2-3 लाख चूल्हें बेचें जाएंगे, तो सरकार इस पर सब्सिडी देगी, जिसके बाद इसकी कीमत 10 से 12 हजार रुपये तक हो सकती है।
इस अवसर पर आईओसी के निदेशक एस एस वी रामकुमार ने कहा कि यह चूल्हा सौर कुकर से अलग है, क्योंकि इसे धूप में नहीं रखना पड़ता है। सूर्य नूतन को फरीदाबाद में आईओसी के अनुसंधान और विकास विभाग ने विकसित किया है, जो छत पर रखे पीवी पैनल के जरिए प्राप्त सौर ऊर्जा से चलता है। इस चूल्हे से ना सिर्फ पैसा बचेगा, बल्कि प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी।
सर्य नूतन में एक केबल लगी होती है। यह केबल छत पर लगी हुई सोलर प्लेट से जुड़ी होती है। सोलर प्लेट से जो ऊर्जा पैदा होती है, वह केबल के जरिए चूल्हे तक पहुंचती है। इस ऊर्जा से ही सूर्य नूतन चलता है। सोलर प्लेट सौर ऊर्जा को पहले थर्मल बैटरी में स्टोर करती है। इस ऊर्जा से रात में भी खाना बनाया जा सकता है। इस सूर्य नूतन से चार लोगों वाले परिवार के लिए तीन टाइम का खाना आसानी से बनाया जा सकता है।
अभी सूर्य नूतन का सिर्फ प्रोटोटाइप लॉन्च हुआ है। इसे देशभर में 60 जगहों पर आजमाया गया है। आने वाले समय में इस चूल्हे की कमर्शियल लॉन्चिंग होगी। बताया जा रहा है कि सूर्य नूतन की कीमत 18,000 रुपये से 30,000 रुपये के बीच होगी। सरकारी मदद के बाद इसकी कीमत घटकर 10,000 रुपये से 12,000 रुपये के बीच आ सकती है। इस चूल्हे की लाइफ 10 साल है।