कोरबा। कोरबा के बालको नगर में आज रविवार की शाम को नदियों व पोखरों के घाट पर भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने की ललक व्रती महिलाओं के साथ उनके परिजनों में दिखाई दी। छठ घाटों पर हर आम व खास सबों ने छठी मइया की श्रद्धापूर्वक पूजा करने में लगे हैं। इस दौरान भीड़ उमड़ने को लेकर स्वयंसेवक भी जुटे हैं।
यह पर्व बिहार मुख्य रूप से मनाया जाता तो वही कोरबा के शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में जिस तरह से पर्व की धूम है यह माना जा सकता है कि यह महापर्व का रूप लिया है। घाटों पर अर्ध्य के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को देखते हुए इंतजाम किये गये हैं। जहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से हर प्वाइंटों पर पुलिस की तैनाती व सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मी भी लगाये गये हैं। गली मोहल्लों में छठ गीत गूंज रहे हैं।
हर जगह छठ को लेकर उत्साह देखते ही बन रहा है। टोला मोहल्ला के लोग व सगे संबंधी जुटे। गीत गूंजे सेईं ले चरण तोहार ऐ छठी मइया, सुनी लेहु अरज हमार। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में नदी व पोखरों के घाट को जाने वाले रास्ते खचाखच भरे हैं। सिर पर पुरुष बांस की टोकरी में फलों को सजा कर ले जा रहे हैं।